स्कूलों को देनी ही होगी ट्यूशन फीस, बस भाड़ा व अन्य शुल्क नहीं लेंगे अभी

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रांची। झारखंड से बड़ी खबर आ रही है। निजी स्कूलों में फीस माफी की शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की घोषणा धरी रह गई है। उलटे निजी स्कूलों को लॉक डाउन अवधि की ट्यूशन फीस अभिभावकों से वसूलने की छूट दे दी। मंत्री निजी स्कूलों से ट्यूशन फीस माफ नहीं करा सके। निजी स्कूलों के प्राचार्यों के साथ मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में हुई बैठक में महज यह तय हुआ कि निजी स्कूल फिलहाल लॉक डाउन अवधि का ट्यूशन फीस अभिभावकों से वसूलेंगे। वहीं, बस भाड़ा सहित अन्य कोई भी शुल्क अभी नहीं लेंगे।

बैठक में निजी स्कूल ट्यूशन फीस लेने को लेकर अड़े रहे। उनका कहना था कि इस शुल्क से ही वे शिक्षकों और अन्य स्टॉफ का वेतन भुगतान करते हैं। स्कूलों की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। अंत में तय हुआ कि स्कूल फिलहाल टयूशन शुल्क लेंगे। बस भाड़ा तथा अन्य कोई शुल्क अभी नहीं वसूलेंगे। इसे लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग शीघ्र ही एक आदेश जारी करेगा।

प्राइवेट स्‍कूलों में लगेगा ट्यूशन फीस

  • ट्यूशन फीस माफ नहीं करा सके शिक्षा मंत्री, वार्षिक शुल्क पर भी निर्णय नहीं
  • बैठक में ट्यूशन फीस माफ करने को तैयार नहीं हुए निजी स्कूल
  • सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद होगा अंतिम निर्णय

बैठक में मंत्री वार्षिक शुल्क भी माफ नहीं करा सके। बकौल मंत्री, स्कूलों ने इसपर सहमति दी है कि वे दो माह की राशि काटकर वार्षिक शुल्क लेंगे। उनके अनुसार, स्कूलों ने तीन माह तक बस भाड़ा व अन्य शुल्क नहीं लेने की बात स्वीकार की है। निजी स्कूल फीस वृद्धि भी नहीं करेंगे। फीस नहीं देने पर किसी बच्चे का नाम नहीं काटा जाएगा, परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा।

मंत्री के अनुसार, फीस माफी को लेकर अन्य राज्यों का मामला सर्वोच्च न्यायालय तथा दिल्ली हाईकोर्ट में भी लंबित है। न्यायालय का फैसला आने के बाद इसपर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इधर, सीबीएसई स्कूलों के संगठन सहोदया के अध्यक्ष सह डीपीएस स्कूल के प्राचार्य डा. राम सिंह ने कहा कि अभी स्कूलों को ट्यूशन फीस लेने की छूट मिली है।

अन्य दूसरे तरह का शुल्क प्राइवेट स्कूल अभी नहीं लेंगे। इसपर बाद में निर्णय लिया जाएगा। पिछली बैठक में निजी स्कूलों द्वारा बस शुल्क सहित अन्य रियायतें देने पर बनी सहमति के सवाल पर उन्होंने कहा कि आज की बैठक में उसपर कोई चर्चा नहीं हुई है। बता दें कि निजी स्कूल बस भाड़ा माफ करने तथा शुल्क नहीं बढ़ाने को पहले से ही तैयार थे।

 

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