भारत की शान है ये किले, जानिए क्या कहता है इनका इतिहास

[object Promise]

भारत का इतिहास यूं ही खास नहीं माना जाता है। भारत में कई एतिहासिक कहानियों के साथ एतिहासिक किले भी है, जो इस देश की शान कहलाते है। अगर आप भी कहीं घूमने का प्लान बना रहे है तो इस बार भारत के मशहूर किलों की सैर करें, जो ना केवल आपको भारत के इतिहास बताएंगे, बल्कि इनकी खूबसूरती आपको मोह भी लेगी। इतने साल पुराने होने के कारण भी यह किले देश-विदेश में मशहूर है। विदेशी लोग जब भारत के ट्रिप पर आते है तो इन किलों में घूमना कभी नहीं भूलते है। आइए आप भी करें इन शानदार और प्राचीन किलों का ट्रैवल, जो आपकी जिंदगी के कुछ यादगार पलों में शामिल हो सकते है।

117 वर्षों से लगातार जल रहा ये बल्ब, गिनीज बुक में दर्ज है रिकॉर्ड

1. मेहरानगढ़ किला, राजस्थान
यह किला राजस्थान के जोधपुर शहर में स्थित है। यह किला 500 साल से पुराना और काफी बड़ा है। इस किले को राव जोधा ने किया था। किले में कुछ 7 दरवाजे है। यहां पर बना हर एक गेट राजा के किसी युद्ध में जीतने पर स्मारक के तौर पर बनाया गया था। इस किले के अंदर आपको मोती महल, शीश महल जैसे कई खूबसूर इमारतें देखने को मिलेंगी। चामुंडा देवी का मंदिर और म्यूजियम भी इसी किले के अंदर मौजूद है।

बाजार से खरीदी शापित गुड़िया, घर लाते ही होने लगीं अजीबो-गरीब घटनाएं

2. आगरा का किला
उत्तर प्रदेश के आगरा में बना है यह किला। इस किले को यूनेस्को ने विश्व धरोहर में शामिल किया है। पहले समय में यह किला राजपूत राजा पृथ्वीराज चौहान के पास हुआ करता था, बाद में इसमें कई राजाओं मने कब्जा किया।

यह किला अपनी अनोखी वास्तुशिल्प, नक्काशी और सुंदर रंग-रोगन दुनियाभर में मशहूर है। कहा जाता है कि इस किले की चार दीवारी के अंदर ही पूरा शहर बसा हुआ है।

3. ग्वालियर का किला, मध्य प्रदेश
ग्वालियर के इस किले को राजा मानसिंह तोमर ने बनवाया था। यह उत्तर और मध्य भारत के सबसे सुरक्षित किलों में से एक है। अपनी बेहतरीन नक्काशी, रंग-रोगन और शिल्पकारी की वजह से यह किला बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। लाल बलुए पत्थर से बने इस किले में अद्भुत नमूने मौजूद हैं। यह किला 100 मीटर ऊंचाई पर है।किले की बाहरी दीवार लगभग 2 मील लंबी और चौड़ाई एक किलोमीटर से लेकर 200 मीटर तक है।

4. चित्तौड़गढ़ का किला, राजस्थान
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ बना यह किला लगभग 700 एकड़ में फैला है। इस किले की लंबाई जमीन से लगभग 500 फुट की ऊंची पहाड़ी पर बना यह किला बेराच नदी के किनारे स्थित है। बताया जाता है कि 7वीं से 16वीं सदी तक यह राजपूत वंश का गढ़ रह चुका है, जो राजपूत वास्‍तुकला के बेमिसाल नमूनों में शामिल है। किले की पूर्वी दिशा में स्‍थित प्रवेशद्वार को सूरज पोल कहा जाता है। साथ ही इस किले में दो जलाशय हैं, जो विजय स्तंभ और राणा कुंभा के नाम से प्रसिद्ध माने जाते है।

5. सोनार का किला, राजस्थान
यह किला राजस्थान के जैसलमेर में स्थित है। इस किले खासियत है कि जैसे ही सुबह सूरज की किरणें इस पर पड़ती हैं, यह सोने की तरह चमकने लगता है। जिस वजह से इस किले को सोनार का किला कहा जाता है।

वहीं इसे रेगिस्तान का दुर्ग भी कहा जाता है। 1633 से 1647 के बीच इस किले में 92 गढ़ों का निर्माण हुआ था। किले के अंदार एक राजमहल भी मौजूद है, जो किसी समय में राजा-महाराजाओं के रहने की मुख्य जगह हुआ करती थी।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *