प्रयागराज में 2025 के महाकुंभ की तैयारियाँ जोरों पर हैं, और इसी बीच ‘सनातन बोर्ड’ के गठन की मांग तेज़ी से उठ रही है। क्या आप जानते हैं कि यह बोर्ड क्या होगा और इसका क्या महत्व है? आइए, इस लेख में हम इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
सनातन बोर्ड: एक नया अध्याय
सनातन धर्म के संरक्षण और संवर्धन के लिए एक नया संगठन, ‘सनातन बोर्ड’ के गठन का प्रस्ताव अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने रखा है। यह प्रस्ताव 26 जनवरी 2024 को प्रयागराज में आयोजित होने वाली धर्म संसद में पेश किया जाएगा। इस संसद में देशभर के प्रमुख संत, ऋषि और शंकराचार्य शामिल होंगे। यह एक ऐतिहासिक कदम है जो सनातन धर्म के लिए एक नई दिशा तय करेगा। इस बोर्ड से सनातन धर्म के सिद्धांतों को संरक्षित रखने और आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बोर्ड का उद्देश्य और कार्य
इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म के सिद्धांतों और परम्पराओं को बनाए रखना है। यह बोर्ड सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त होगा और इसमें पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक सुव्यवस्थित संरचना होगी। बोर्ड धार्मिक आयोजनों को व्यवस्थित करने में भी अहम भूमिका निभाएगा, जिससे भक्तों को अधिक सुविधा और सुरक्षा मिलेगी। इससे धर्म को आगे बढ़ाने और युवा पीढ़ी को सनातन धर्म से जोड़ने में मदद मिलेगी।
महाकुंभ 2025: भव्यता और व्यवस्था का संगम
प्रयागराज में 2025 का महाकुंभ, 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित होगा। इस महाकुंभ के लिए प्रशासन ने ‘महाकुंभ मेला’ नाम का एक अस्थायी जिला बनाया है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान की जा सके। इस अस्थायी जिले में 67 गाँव शामिल हैं। यहाँ पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस चौकियां और थाने भी बनाये जायेंगे। 2019 के कुंभ की तुलना में, यह महाकुंभ और भी भव्य होगा। यह इस बात का प्रमाण है की योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रशासन कितना कुशलता से काम कर रहा है।
कुंभ में भक्तों की सुविधा
महाकुंभ में भक्तों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने व्यापक योजना बनाई है। भक्तों के लिए प्रसाद की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी, जहाँ एक साथ 5000 लोगों को प्रसाद दिया जा सकेगा। महाकुंभ के दौरान देश विदेश से आने वाले भक्तों की संख्या लाखों में होगी। इस विशाल संख्या के मद्देनजर भक्तों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखना अहम है।
सरकार का योगदान और समर्थन
सरकार ने महाकुंभ की तैयारियों में पूर्ण सहयोग दिया है। एक अस्थायी जिले का निर्माण इसी का एक उदाहरण है। यह प्रशासन की दक्षता और दूरदर्शिता को दर्शाता है। सरकार की ओर से विभिन्न सुविधाएँ, जैसे कि पर्याप्त सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाएँ, आवागमन की व्यवस्था और भोजन की सुविधा, सुनिश्चित की जाएंगी। इससे तीर्थयात्रियों का अनुभव अधिक सुखद और स्मरणीय होगा।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का योगदान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके मार्गदर्शन में महाकुंभ का आयोजन और भी भव्य और यादगार बनेगा। इससे देश और विदेश दोनों के लोगों को आकर्षित होगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इससे भारत की सांस्कृतिक धरोहर का भी विश्वभर में प्रचार होगा।
सनातन धर्म का उज्जवल भविष्य
‘सनातन बोर्ड’ के गठन से सनातन धर्म को नई ऊर्जा मिलेगी। यह बोर्ड धर्म को आधुनिक युग की चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा और सनातन धर्म के मूल्यों और सिद्धांतों का प्रचार करेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि यह प्राचीन परंपरा युवा पीढ़ी से जुड़ी रहे और सनातन धर्म का एक समृद्ध भविष्य बना रहे।
सनातन धर्म का संरक्षण
यह बोर्ड सनातन धर्म के संरक्षण और समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह धार्मिक गतिविधियों को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने, परम्पराओं को बनाए रखने और समाज में धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने में मददगार होगा। यह युवा पीढ़ी को सनातन धर्म के प्रति आकर्षित करेगा और उनकी समझ में सुधार करेगा।
Take Away Points
- 2025 का महाकुंभ प्रयागराज में एक भव्य आयोजन होगा।
- ‘सनातन बोर्ड’ का गठन सनातन धर्म के संरक्षण और संवर्धन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
- सरकार का पूर्ण सहयोग इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण होगा।
- इस आयोजन से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रचार होगा।

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