नई दिल्ली, एएनआइ। सुप्रीम कोर्ट बुधवार को रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करेगा। अर्नब के वकील निर्निमेश दुबे ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें गोस्वामी को 2018 में आत्महत्या के मामले में अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।
गोस्वामी की ओर से महाराष्ट्र सरकार के अलावा अलीबाग पुलिस स्टेशन के एसएचओ, मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह और अक्षिता अन्वय नाइक को अपनी अपील के लिए पक्षकार बनाया गया है। वहीं सरकार की ओर से अधिवक्ता सचिन पाटिल ने शीर्ष अदालत में अपील दायर की है कि मामले में सुनवाई किए बिना गोस्वामी की याचिका पर कोई आदेश पारित नहीं किया जाए।
सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिपब्लिक टीवी के अर्नब गोस्वामी को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। जस्टिस एस के शिंदे और एम एस कार्णिक की खंडपीठ ने कहा था कि हाईकोर्ट की ओर असाधारण शक्तियों के इस्तेमाल के लिए अन्य विकल्प मौजूद हैं। पीठ ने एक बार फिर दोहराया कि याचिकाकर्ता सेशन कोर्ट (निचली अदालत) में अपनी याचिका दायर कर सकते हैं, जहां चार दिन में आवेदन पर फैसला लिया जा सकता है। गोस्वामी और दो अन्य पर 2018 में एक इंटीरियर डिजाइनर और उसकी मां को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।
Supreme Court will tomorrow hear the appeal filed by Republic TV Editor-in-Chief Arnab Goswami, challenging the Bombay High Court order which refused to grant him interim bail in the 2018 abetment to suicide case.
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— ANI (@ANI) November 10, 2020
गोस्वामी और दो अन्य आरोपियों ने अपनी अंतरिम जमानत पर रिहा होने के लिए कोर्ट से अपील की थी। इस दौरान हुई सुनवाई पर कोर्ट ने कहा था कि इस मामले के लंबित रहने तक याचिकाकर्ताओं पर नियमित जमानत के लिए संबंधित निचली अदालत पर जाने पर कोई रोक नहीं है, जहां उन्हें कुछ दिनों में जमानत मिल जाएगी।
गोस्वामी के अलावा अन्य आरोपी फिरोज शेख और नितीश सरदा ने अवैध गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की थी। चार नवंबर को अर्नब गोस्वामी और दो अन्य को आत्महत्या के मामले में अलीबाग से गिरफ्तार किया गया था।
गोस्वामी को तलोजा जेल किया गया था शिफ्ट
गोस्वामी को रविवार को महाराष्ट्र के रायगढ़ स्थित तलोजा जेल शिफ्ट कर दिया गया। पहले उनको अलीबाग जेल के लिए एक स्कूल में बनाए गए कोरोना केंद्र में रखा गया था। वहीं, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि न्यायिक हिरासत के दौरान अर्नब गोस्वामी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके बाद उन्हें तलोजा जेल भेज दिया गया।
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