आत्मनिर्भर भारत 3.0 : अभियान के तहत 12 नई घोषणाओं का ऐलान

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नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही हैं। वित्त इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अर्थव्यवस्था की मौजूदा हालत के बारे में देश को बता रही हैं। वित्त मंत्री ने आज आत्मनिर्भर भारत 3.0 का ऐलान किया है। इसके तहत 12 नए राहत उपायों की घोषणाएं की जा रही हैं।

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अर्थव्यवस्था में मजबूत रिकवरी देखने को मिल रही है। कोरोना के संक्रमित मामले 10 लाख से अधिक के आंकड़े से गिरकर 4.89 लाख पर आ गए हैं। मृत्यु दर भी मात्र 1.47 फीसद रह गई है।

Nirmala Sitharaman 

वित्त मंत्री ने कहा, ‘ग्रामीण रोजगार में वृद्धि करने के लिए पीएम गरीब कल्याण रोजगार योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इस फंड का उपयोग ग्रामीण सड़क योजना या मनरेगा के लिए किया जा सकेगा।’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘घर खरीदारों और डेवलपर्स को आयकर में राहत दी जाती है। इससे रेजिडेंशियल रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा और मध्य वर्ग राहत महसूस कर सकेगा। सर्कल रेट और एग्रीमेंट वैल्यू में अंतर को 10 फीसद से बढ़ाकर 20 फीसद करने का निर्णय भी लिया गया है।’

 

वित्त मंत्री ने कहा, ‘घर खरीदारों और डेवलपर्स को आयकर में राहत दी जाती है। इससे रेजिडेंशियल रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा और मध्य वर्ग राहत महसूस कर सकेगा। सर्कल रेट और एग्रीमेंट वैल्यू में अंतर को 10 फीसद से बढ़ाकर 20 फीसद करने का निर्णय भी लिया गया है।’

 

वित्त मंत्री ने कहा, ‘निर्माण और ढांचागत क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को कैपिटल और बैंक गारंटी में राहत प्रदान की जाती है। परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को कम करके 3 फीसद किया गया है। इससे ठेकेदारों को राहत मिलेगी।’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘ऊर्वरक के लिए 65000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इस सब्सिडी से 14 करोड़ किसानों को लाभ पहुंचेगा। भारत में ऊर्वरक की खपत पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 17.8 फीसदी बढ़ी है।’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘सरकार एनआईआईएफ के डेट प्लेटफॉर्म में 6000 करोड़ रुपये इक्विटी के रूप में निवेश करेगी।’

 

वित्त मंत्री ने कहा, ‘इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम को 31 मार्च 2021 तक आगे बढ़ा दिया गया है। इसके अंतर्गत 20 फीसद कार्यशील पूंजी देने का प्रावधान है। इसमें कोलेट्रल फ्री लोन दिया जाता है।’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘आत्मनिर्भर भारत 3.0 के अंतर्गत 12 राहत उपायों की घोषणा होगी। इसके अंतर्गत रोजगार में वृद्धि के लिए आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा की जा रही है। इस योजना से संगठित क्षेत्र में रोजगार को बल मिलेगा। पंजीकृत ईपीएफओ संस्थान से जुड़ने वाले कर्मचारी को इसका लाभ मिलेगा। इससे उन लोगों को लाभ मिलेगा जिनका वेतन 15,000 रुपये से कम है या जो पहले ईपीएफओ से नहीं जुडे थे अथवा जिनकी नौकरी 1 मार्च से 30 सितंबर के बीच चली गई थी। यह योजना 1 अक्टूबर 2020 से लागू होगी और 30 जून 2021 तक लागू रहेगी।’

 

वित्त मंत्री ने कहा, ‘आत्मनिर्भर भारत 2.0 अभियान के अंतर्गत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए LTC वाउचर स्कीम की घोषणा की गई थी। इसमें अच्छा विकास हो रही है। सरकार ने करदाताओं को 132800 करोड़ रुपये से अधिक का आयकर रिफंड दिया है।’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘इमरजेंसी क्रेडिट लाइन स्कीम के तहत 61 लाख कर्जदारों को 2.05 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इसमें अब तक 1.52 लाख करोड़ रुपये वितरित हो चुके हैं। इससे उद्योगों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी मिली।’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘बैंकों ने 157.44 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। उन्हें दो चरणों में 143262 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा के अंतर्गत 1681 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। नाबार्ड के माध्यम से 25 हजार करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी आवंटित की गई है।’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान के पहले चरण का अच्छा प्रदर्शन रहा है। 28 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश राशन कार्ड नैशनल पोर्टेबिलिटी के अधीन हैं। इससे 68.6 करोड़ लोगों को फायदा हुआ है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 1373.33 करोड़ रुपये के 13.78 लोन आवंटित किए गए हैं।’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘मैं कुछ नए उपायों की घोषणा करने जा रही हूं। आप इन्हें प्रोत्साहन पैकेज कह सकते हैं। इकॉनमी तेजी से पटरी पर लौट रही है। कोरोना के सक्रिय मामले घटे हैं।’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत One Nation One Ration Card शुरू किया गया था। 1 सितंबर से 28 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने यह लागू कर दिया है। यानी अब देश के किसी भी देश के मजदूर किसी भी जगह से राशन ले सकते हैं।’

 

वित्त मंत्री ने कहा, ‘स्ट्रीट वेंडर के लिए अब तक 13.8 लाख लोन मंजूर किए गए हैं। यानी इतने लोगों को लोन मिला है। इन्हें कुल मिलाकर लगभग 13 करोड़ रुपए का लोन बांटा गया है।’

गौरतलब है कि बुधवार को मंत्रिमंडल ने करीब दो लाख करोड़ रुपये के उत्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि (PLI) की घोषणा की थी। यह घोषणा 10 सेक्टर्स में मैन्युफैक्चरर्स के लिए पांच साल के लिए हुई है। इन सेक्टर्स में ऑटोमोबाइल और ऑटो पुर्जे, दूरसंचार, दवा, विशेष रसायन, पूंजीगत सामान, प्रौद्योगिकी उत्पाद, सफेद वस्तुएं, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नेटवर्किंग उत्पाद, टेक्सटाइल्स, एसी व एलईडी और उन्नत बैटरी सेल शामिल हैं।

यहां बता दें कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में 23.9 फीसद का जबरदस्त संकुचन देखने को मिला था। वहीं, कई सर्वेक्षणों में चालू वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था में 10 फीसद से ज्यादा के संकुचन का अनुमान जताया गया है। इसी के चलते नए प्रोत्साहन पैकेज की मांग हो रही है।

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