दिल्ली दंगे के बाद अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे केजरीवाल

Delhi| दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती के दो पक्षों के बीच हंगामा हुआ। हंगामे में जमकर पथराव हुआ , गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। पुलिसकर्मियों सहित कई लोग इस हिंसा में घयाल हुए। सूत्रों के मुताबिक घयाल व्यक्तियों को जहांगीरपुरी से बाबू जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बताते चले जिस इलाके में हिंसा हुई वहां भारी संख्या में पुलिस तैनात थी। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज की मदद से उन लोगो की पहचान करने में जुटी हुई है जिन्होंने हिंसा को गति दी। हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने कई राउंड फायरिंग की और आगजनी को हवा दी। बता दें दिल्ली के जाफराबाद इलाके में फैली हिंसा के बाद इसे दिल्ली फाइल्स पार्ट-2 कहा जा रहा है।

क्या है राजनीति बोल:- 

दिल्ली में हुनमान जयंती पर हुई इस हिंसा पर अभी तक किसी ने कुछ नहीं बोला है। सभी राजनीतिक दल शान्ति बनाने की अपील कर रहे हैं। लेकिन अंदरूनी खबरों की माने तो दिल्ली के सत्तारूढ़ केजरीवाल के समर्थक इसे साजिश बता रहे हैं और कह रहे हैं कि जब लोग केजरीवाल को नहीं रोक पाए तो उन्होंने हिंसा का सहारा लिया और लोगों को धर्म के नाम पर बांटने के उद्देश्य से हिंसा को हवा दी है। हालांकि अभी इस बात पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। 
वही यदि हम दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बात करे तो इन्होंने लोगो से हिंसा के परिपेक्ष्य में शान्ति बनाए रखने को कहा है। उन्होंने कहा है कि लोग शान्ति बनाए रखे बिना उनके तरक्की सम्भव नहीं है। 

क्या बोले अनुराग ठाकुर:- 

हनुमान जयंती पर हुई हिंसा को लेकर सिर्फ एक बयान से किनारे हुई अरविंद केजरीवाल पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सवालों की बौछार कर दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली दंगे के बाद अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं या यूं कहें की अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। दंगे केजरीवाल के नेतृत्व में हुए हैं लेकिन वह इसकी जिम्मेदारी नहीं लेंगे। दूसरे राज्य जाना और बैठक करना आसान है दूसरे पर दोष मढ़ना आसान है लेकिन सरकार चलाना मुश्किल। 
वही मनोज तिवारी ने इस घटना पर अपना पक्ष रखा और कहा कि हनुमान जयंती के दिन इस प्रकार की घटना का होना चिंताजनक है। यह घटना राजधानी में सोची समझी साजिश के तहत हुई है । इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए।

रामनवमी पर जेएनयू कैम्पस में हुई हिंसा पर क्या था केजरीवाल का एक्शन:- 

बीते रविवार शाम जेएनयू कैंपस में हुई हिंसा पर भी कुछ खास एक्शन में अरविंद केजरीवाल नहीं दिखे। उन्होंने इस मुद्दे पर महज ट्वीट कर अपना पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने ट्वीट में कहा जेएनयू में इस प्रकार की घटनाएं चिंताजनक है। दिल्ली पुलिस को जल्द मामले को खत्म कर शान्ति स्थापित करनी चाहिए। केजरीवाल के इस तरह से रामनवमी और हनुमान जयंती पर हुई हिंसा के बाद किनारे होना राजनीति में बड़े संकेत दे रहा है।

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