बहराइच हिंसा: दहशत में डूबा इलाका

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के हरदी थाना क्षेत्र के महसी इलाके में दशहरे के मौके पर निकली दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान हुई हिंसा के बाद इलाका दहशत में है। 13 अक्टूबर को हुए बवाल में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे, जिसके बाद 14 अक्टूबर को गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने दोपहिया वाहन शोरूम सहित कई संपत्तियों को आग लगा दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागे गए। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए छह पीएसी कंपनियों को तैनात किया है और इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं।

हिंसा के कारण

13 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी। महसी इलाके में हुई इस झड़प के दौरान म्यूजिक बजाए जाने को लेकर विवाद शुरू हो गया था, जिसके बाद गोलीबारी हो गई। घटना में रम गोपाल मिश्रा नामक व्यक्ति की मौत हो गई, जो रेहुआ मंसूर गांव का रहने वाला था। घटना में सुधाकर तिवारी (22), रंजन (31), दिव्यांग सत्यवान (42) और अखिलेश बजपाई (52) सहित कम से कम चार लोग घायल हो गए थे।

लापरवाही पर सवाल

हिंसा की घटना के बाद महसी पुलिस चौकी प्रभारी शिव कुमार को उनकी लापरवाही के चलते निलंबित कर दिया गया है।

नेताओं के बयान

इस घटना के बाद कांग्रेस नेता और पूर्व यूपी कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने शांति की अपील करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने प्रशासन की निष्क्रियता के लिए आलोचना करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश के बहराइच में हुई हिंसा और प्रशासन की निष्क्रियता की खबर बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं राज्य के मुख्यमंत्री और राज्य प्रशासन से अपील करती हूं कि वे तत्काल कार्रवाई करें, जनता को विश्वास में लें और हिंसा को रोकें। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जनता से मेरी विनम्र अपील है कि कृपया कानून अपने हाथ में न लें और शांति बनाए रखें।”

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राज्य में शांति और सौहार्द बिगाड़ने की साजिश सफल नहीं होगी। “उत्तर प्रदेश में शांति और सौहार्द को बिगाड़ने की कोई भी साजिश सफल नहीं होगी। जो लोग दंगाइयों को संरक्षण देते हैं, वे एक बार फिर सक्रिय हो रहे हैं, लेकिन हमें सावधान और सतर्क रहना होगा। राज्य के उज्जवल भविष्य को बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा। दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा और सख्त सजा दी जाएगी और पीड़ितों को पूरा न्याय मिलेगा। मैं सभी नागरिकों से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील करता हूं।”

घटना के बाद स्थिति

हिंसा के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। अतिरिक्त पुलिस बल को इलाके में तैनात किया गया है, साथ ही दंगे में शामिल 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। घटना की जांच की जा रही है।

लेवे-आउट पॉइंट्स:

  • दशहरे के मौके पर बहराइच में निकली दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प के बाद हिंसा भड़क गई।
  • इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
  • गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने कई संपत्तियों को आग लगा दी।
  • पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे।
  • प्रशासन ने छह पीएसी कंपनियों को तैनात किया है और इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं।
  • हिंसा की घटना में लापरवाही के लिए महसी पुलिस चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया है।
  • हिंसा की घटना को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है और दंगे में शामिल 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
  • घटना की जांच चल रही है।

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