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उपेन्द्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर। पडरौना कोतवाली के मिश्रौली विश्राम पट्टी डोल मेले को लेकर प्रशासन द्वारा शिथिलता बरता जा रहा है। जबकि यह डोल मेला सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील माना जाता है,और प्रशासन को इसे सकुशल सम्पन्न करना चुनौती पूर्ण होता है। लेकिन अबतक मेला स्थल का साफ-सफाई नहीं हो सका है वही जिस रास्ते डोल आते हैं जाते है उस रास्ते पर बिजली के तार नीचे लटके हुए हैं और और गन्दगी से पटा हुआ है। इस को लेकर प्रकाशित खबर शीर्षक प्रशासनिक चूक से हुआ था मिश्रौली में बवाल, फिर हो रही लापरवाही को संज्ञान में लेते हुये जिलाधिकारी ने SDM पडरौना, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के लापरवाही बरतने के आरोप में पडरौना से हटा दिया है। वहीं क्षेत्राधिकारी नितीश प्रताप सिंह कोतवाल विजय राज सिंह पहुंच जायजा लिया।
उप जिलाधिकारी रहे अजय नारायण सिंह को अपर उप जिलाधिकारी चकबंदी बंदोबस्त बनाया गया है, तो तहसीलदार मनोज तिवारी व नायब तहसीलदार को यहां से दूसरे जगह भेज दिया गया है। बताया जाता है कि यह कार्यवाही जिला प्रशासन विश्राम पट्टी मिश्रौली व डोल मेला को लेकर लापरवाही बरतने के आरोप में उठाया है। ज्ञातव्य हो कि मिश्रौली विश्राम पट्टी डोल मेले को लेकर 2004 में दो समुदायों के लोग रास्ते के विवाद को लेकर आमने-सामने आ गए थे, जिसके बाद वहां बवाल की स्थिति उत्पन्न हो गई और दर्जनभर गांव में कर्फ्यू लगा प्रशासन ने हालात पर काबू पाया था।
जिसे लेकर प्रशासन मुस्तैद रहता है लेकिन इस बार डोल मेले को लेकर अभी तक मेला स्थल पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है वही जिन गांवों से डोल निकलता है उस रास्ते विजली के तार जो लटके हुये है उन्हे ठीक नहीं किया गया है साथ ही समस्याओं का निराकरण भी नही हुआ है।प्रशासन ने कड़े तेवर अपनाते हुए हाटा से गुलाब चन्द्र राम को पडरौना का एसडीएम वहीँ संजय राय को कप्तागंज से पडरौना तहसीलदार, रामनाथ को कसया से पडरौना नायब तहसीलदार, पडरौना के अमीत शेषर को खड्डा का नायब तहसीलदार कार्य भार सौंपा है।
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