डेस्क। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि बेहतर लोकतंत्र के लिए कांग्रेस का मजबूत होना जरूरी है।
उन्होंने पार्टी के नेताओं को नसीहत देते हुए उनपर तंज भी कसा, उन्होंने कांग्रेस छोड़ने वालों को पार्टी की विचारधारा को मानने की बात पर जोर दिया। इस बयान की नींव हाल ही में हुए पंजाब विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने पर टिकी थी। इन चुनावो में पार्टी 18 सीटों पर सिमट कर रह गई है।
जानकारी के अनुसार पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने कहा, कांग्रेस का कमजोर होने से उसकी जगह क्षेत्रीय पार्टियों ने ले ली है, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे चाहते हैं कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हो जाए। बात दें कि अब छत्तीसगढ़ और राजस्थान में ही कांग्रेस की सरकार है।
जानिए गडकरी ने और क्या कहा-
उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र दो पहियों पर चलता है- सत्ता पक्ष और विपक्ष। एक मजबूत विपक्ष लोकतंत्र की आवश्यता है। इसलिए मैं चाहता हूं कि कांग्रेस को मजबूत होना चाहिए। साथ ही कांग्रेस के कमजोर होने से उसकी जगह क्षेत्रीय दलों ने ले ली है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।’
आगे उन्होंने कांग्रेसी नेताओं को नसीहत देते हुए कहा, ‘जो भी कांग्रेस विचारधारा का पालन करते हैं, उन्हें पार्टी में रहना चाहिए और अपने सिद्धांतों पर भरोसा रखना चाहिए। 1978-80 में मैं भाजपा में शामिल हुआ और पार्टी अधिवेशन में भाग लेने के लिए पुणे आया था। जब मैं कंधों पर प्रचार सामग्री लेकर रेलवे स्टेशन पर उतरा तो वहाँ श्रीकांत जिचकर से टकरा गया फिर उन्होंने मुझे सलाह दी कि मुझे ‘अच्छी पार्टी’ में जाना चाहिए, जो मुझे भविष्य दे।’ ‘मैंने उन्हें बताया कि कुएं में कूद कर मर जाऊंगा, लेकिन अपनी विचारधारा को नहीं छोड़ूंगा। उस समय लोकसभा में बीजेपी के केवल दो सांसद थे। लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रयासों से समय बदला और अटल बिहारी वाजपेयी जी हमें प्रधानमंत्री के रूप में मिले।
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