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रिपोर्ट उपेंद्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर : बरसात का महीना नजदीक आता देख लोगों को बाढ़ का खौफ सताने लगा है। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित अहिरौलीदान व बाघाचौर के ग्रामीणों ने तीसरे दिन ग्रामीणों ने बैठक की। इस दौरान उन्होंने काम नहीं तो वोट नहीं का ऐलान किया। साथ ही चुनाव से पूर्व क्षेत्र के एपी तटबंध पर बाढ़ बचाव की परियोजनाओं की स्वीकृति नहीं मिलने पर चुनाव का बहिष्कार की चेतावनी दी।
गौरतलब हो कि गावों के बीचोबीच सन् 1954 में अहिरौलीदान से पिपराघाट तक बनाया गया था जिसकी लम्बाई 17,300 किमी है। उधर वर्तमान में नदी की धारा अपने दिन-ब-दिन आगोश में ले रही है। ग्राम बाघाचौर के टोला नुनियापट्टी के समीप किमी 12,500 पर नदी की धारा का दबाव बढ़ने से बन्धे का मेन स्लेप कट चुका है। इससे आसपास के ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है। वहीं दूसरी तरफ बंधे के बचाव कार्य के जिम्मेदारों के प्रति काफी लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बंधा क्षतिग्रस्त होता है तो बड़ी आबादी तबाह होगी।
ऐसे में एपी तटबंध पर बाढ़ बचाव की परियोजनाओं की स्वीकृति न मिलने के कारण काम शुरू न होने से लोगों की बढ़ती बेचैनी ने इस बार 2019 लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग न करने का ऐलान किया है। चुनाव बहिष्कार करने वालों में पूर्व उपप्रधान जे,के सिंह,हीरालाल यादव ग्रामप्रधान,अरविन्द सिंह जिलापंचायत सदस्य,मिथलेश गोंड़,पपु सिंहगोरख सिंह मिथलेश सिंह,सुरेश सिंह,संजय सिंह,शिवपूजन,सिंह,धनंजय,ब्रहा चौहान,अभय सिंह,अनील,विद्या चौहान, रमाकांत,विजय सिह, आदि लोग शामिल हैं ।
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