सफलता-विफलता की चिंता नहीं, हम देशहित में फैसले लेते हैं: मोदी
मोदी ने कहा कि भारत के लोग देने वाले लोग हैं. लेने और छीनने वाले नहीं. दुनिया भर में फैले भारतीय आज सिर उठाकर जी रहे हैं. आज भारत से बुरी नहीं अच्छी खबरें आती हैं. मोदी ने कहा कि दुनिया उसी देश को मानती है, जिसका वर्तमान पराक्रमी हो. भले ही भविष्य कितना भी उज्जवल क्यों न रहा हो. लेकिन 21वीं सदी भारत की है, मुझे लगता है कि यह संभव है.
पीएम मोदी ने शहीदों को याद करते हुए कहा कि प्रथम विश्व युद्ध में ढेड़ लाख भारतीय शहीद हुए थे. नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह गौरव के साथ भारतीय होने की बात करते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत बुद्ध और गांधी की धरती है. हम वो लोग हैं, जिन्होंने शांति को जिया है, उसे पचाया है और बढ़ाया है. इसीलिए हमारे पूर्वजों ने वसुधैव कुटुम्बकम की बात कही है.
मोदी ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरुआत की. मनीला में बैंकिंग कैसी है, सबको पता है. मैंने कहा कि हर भारतीय को बैंक में एंट्री का हक मिलना चाहिए. उसे बैंक के बाहर गार्ड देखकर डर लगता था. मैंने गरीबों को देखा है, लेकिन अमीरों की गरीबी को भी देखा है. आज उन जनधन अकाउंट्स में 67 हजार करोड़ों रुपए जमा हैं. पहले वे गेंहूं या घर के किसी कोने में पैसे छिपा कर रखते थे.इससे पहले मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की. बता दें. मोदी आसियान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फिलीपींस में हैं.
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