यह जिले 25 मार्च तक ‘लॉकडाउन’, क्या होता है लॉकडाउन ?

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लखनऊ। कोरोनावायरस की चुनौतियों से निपटने के लिए यूपी में लखनऊ, कानपुर, नोएडा समेत 16 जिलों को 25 मार्च तक के लिए लॉकडाउन कर दिया है। इस दौरान जरूरी सेवाओं को छोड़कर इन जिलों में सब कुछ बंद रहेगा। इस दौरान लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी गई है। इमरजेंसी की स्थिति में ही लोग बाहर निकल सकेंगे। प्राइवेट और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह बंद रहेगा। यदि कोई नियम तोड़ता है तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई होगी। यूपी में अब तक कोरोना संक्रमण के 30 केस सामने आए हैं। इस बीच, बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर की दूसरी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। कनिका का इलाज लखनऊ के एसजीपीजीई में चल रहा है। वहीं, यूपी सचिवालय को 31 मार्च के लिए बंद कर दिया गया है।

ग्रेटर नोएडा 48 घंटों के लिए सील

ग्रेटर नोएडा में सोमवार को दो नए मामले सामने आए। डीएम बीएन सिंह ने बताया कि ग्रेटर नोएडा में जहां दोनों केस पाए गए हैं, वहां की सोसाइटी को 48 घंटों के लिए सील कर दिया गया है। किसी भी तरह की की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। कोई घर से बाहर निकला है तो उस पर कार्रवाई होगी। पीलीभीत में 45 वर्षीय महिला में कोरोना की पुष्टि हुई है। महिला कुछ दिन पहले सऊदी अरब से 37 लोगों के साथ उमरा कर लौटी थी। प्रशासन ने 36 अन्य लोगों को क्वारैंटाइन कर दिया है।

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए राजधानी लखनऊ के अलावा कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, नोएडा, मुरादाबाद, आगरा, प्रयागराज, अलीगढ़, बरेली, सहारनपुर, मेरठ, आजमगढ़, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत को लॉकडाउन किया गया है। पीलीभीत जिले को रविवार देर रात शामिल किया गया। 25 मार्च से पहले इन जिलों की समीक्षा होगी, उसके बाद जरूरत पड़ने पर लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाया जाएगा।

लॉकडाउन एक इमरजेंसी व्यवस्था होती है। अगर किसी क्षेत्र में लॉकडाउन हो जाता है तो उस क्षेत्र के लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं होती है। जीवन के लिए आवश्यक चीजों के लिए ही लोगों को घर से बाहर निकलने की अनुमति होती है। अगर किसी को दवा या अनाज की जरूरत है तो बाहर जा सकता है या फिर अस्पताल और बैंक के काम के लिए अनुमति मिल सकती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के काम से भी बाहर निकलने की अनुमति मिल सकती है।

किसी तरह के खतरे से इंसान और किसी इलाके को बचाने के लिए लॉकडाउन किया जाता है। जैसे कोरोना के संक्रमण को लेकर कई देशों में किया गया है। कोरोनावायरस का संक्रमण एक-दूसरे इंसान में न हो इसके लिए जरूरी है कि लोग घरों से बाहर कम निकले। बाहर निकलने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। इसलिए कुछ देशों में लॉकडाउन जैसी स्थिति हो गई है।

आवश्यक सेवाओं को छोड़कर समस्त सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, अर्द्धसरकारी उपक्रम, स्वायत्तशासी संस्थाएं, राजकीय निगम व मंडल, समस्त व्यापारी प्रतिष्ठान, निजी कार्यालय, मॉल्स, दुकानें, फैक्ट्रियां, वर्कशाॅप, गोदाम एवं सार्वजनिक परिवहन (ट्रेनें, रोडवेज, सिटी परिवहन, प्राइवेट बसें, टैक्सी, ऑटो रिक्शा आदि) पूरी तरह बंद रहेंगे।

उत्तर प्रदेश में अब तक 29 केस सामने आए हैं। इनमें आगरा, लखनऊ व नोएडा के 8-8, गाजियाबाद के 2 और लखीमपुर खीरी, वाराणसी, पीलीभीत व मुरादाबाद के एक-एक केस शामिल हैं। खास बात यह है कि इनमें से 11 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ्य हो चुके हैं। इनमें आगरा के 7, गाजियाबाद के 2, नोएडा व लखनऊ के एक-एक मरीज शामिल है।

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