टिड्डी दल के संभावित आक्रमण के नियंत्रण हेतु कृषक करें पूर्व ही सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं।

अमेठी। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि टिड्डी दल के संभावित आक्रमण के नियंत्रण हेतु पूर्व से ही सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं, जिसके लिए उन्होंने बताया कि टिड्डी दल के प्रकोप की सूचना ग्राम प्रधान, लेखपाल, कृषि विभाग के कार्मिक एवं ग्राम सचिव के माध्यम से जिला प्रशासन तक अभिलंब पहुंचाएं। टिड्डी दल के आगमन की सूचना मिलते ही उप कृषि निदेशक अमेठी के मोबाइल नंबर 9452292447, जिला कृषि रक्षा अधिकारी अमेठी के मोबाइल नंबर 9450340403, कार्यालय जिला कृषि रक्षा अधिकारी अमेठी के नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर 9889226686 पर तत्काल सूचित कर दें। उन्होंने बताया कि टिड्डी दल दिन डूबने के समय किसी ना किसी पेड़ पौधे पर दिन निकलने तक आश्रय लेते हैं तथा रात्रि में फसलों, झाड़ियों एवं पेड़ों को अत्यधिक क्षति पहुंचाते हैं जिसके प्रकोप से बचाव हेतु एक साथ एकत्र होकर टिन के डिब्बे, थालियों, ढोल नगाड़ा, डीजे इत्यादि को बजाते हुए तेज आवाज में शोर मचाए जिसके शोर से टिड्डी दल आसपास के खेतों में आक्रमण नहीं कर पाएंगे। बलुई मिट्टी टिड्डी के प्रजनन एवं अंडे देने हेतु सर्वाधिक अनुकूल होती है जिसके लिए आक्रमण से संभावित ऐसे क्षेत्रों में जुताई कर जलभराव करना उपयुक्त रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि टिड्डी  दल के रात्रि प्रवास के समय ही कृषि रक्षा रसायनों यथा क्लोरोपाइरीफास 20% ई0सी0, क्लोरोपाइरीफास 50% ई0सी0, लेमडासाईहैलोथ्रीन 5 प्रतिशत, लेमडासाईहैलोथ्रीन 10 प्रतिशत, डब्ल्यू0पी0 मेलाथियान 50% ई0सी0, डेल्टामेथ्रिन 2.8 प्रतिशत ई0सी0 इत्यादि का छिड़काव कर टिड्डी दल पर नियंत्रण किया जा सकता है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *