Verona Van de Leur : मजबूरियां किसी से भी कुछ भी करवा सकती है। यही कहानी डच जिमनास्ट वेरोना वैन डे लेउर की है। स्टुगार्ट में 2002 के जिमनास्ट विश्व कप के दौरान वेरोना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मैडल हासिल किया है।

वेरोना वैन डे लेउर भले ही आज पोर्न इंडस्ट्री का जाना माना नाम हो, लेकिन एक ऐसा दौर भी था जब उन्हें एक स्टार जिमनास्ट के तौर पर जाना जाता था।

साल 2002 में यूरोपीय चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने और विश्व चैंपियनशिप में फ्लोर एक्सरसाइज में रजत पदक जीतने के बाद उन्हें डच स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर नामित किया गया था, तब उनकी उम्र महज 17 साल थी।
लेकिन साल 2008 में जिमनास्टिक से रिटायर होने के बाद वैन डी लेउर को कई व्यक्तिगत कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ा, जिसमें ब्लैकमेल के लिए जेल की सजा शामिल थी।
फिर उन्होंने एडल्ट वेबकैम शो और एडल्ट फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया।
बताया जाता है कि पांच साल की उम्र में कार्टव्हीलिंग के एक सिंपल एक्ट से वेरोना वैन डे लेउर की कहानी शुरू होती है और बचपन के इस जुनून के कारण ही उनके भीतर एक ओलंपिक जिमनास्ट बनने की इच्छा पैदा हुई।
इस जुनून के कारण ही वो एक डच नेशनल ट्रेजर बन गई, जो अपने खेल कौशल के लिए मशहूर है।
हालांकि चोट के कारण उनके करियर पर अंकुश लग गया और वेरोना वैन डे लेउर का जीवन परेशानियों से घिर गया।
उनका कहना है कि उन्हें दो साल तक बेघर रहना पड़ा और अपने पिता के साथ एक भयंकर कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ा।
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