इस राज्य में मछली खाई तो लगेगा 10 लाख रुपए का जुर्माना, हो सकती है जेल

डिमापुर. नागालैंड सरकार ने खुलासा किया है कि राज्य में बिकने वाली लगभग सभी प्रजाति की मछलियों, जिनमें क्रिस्टिशियन भी शामिल है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक है. यह खुलासा राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त आई. हिमा दो झिमोमी ने किया है और सभी तरह की मछलियों, जिनमें फारमोलिन का इस्तेमाल किया गया है, उसकी बिक्री और भंडारण पर तीन महीने के लिए रोक लगा दी है.

झिमोमी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानक के नियम 9-1 के अनुसार मछलियों के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द दाजा उन मछलियों के लिए होता है, जो ज्यादा दिन तक रखने के लिए कोई पदार्थ का इस्तेमाल नहीं किया जाता, यह उन मछलियों पर लागू नहीं होता, जिसे सडऩे से बचाने के लिए बर्फ या किसी अन्य पानी की जगह में रखा गया हो.

सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार फारमोलिन का इस्तेमाल की गई मछलियों के वितरण, बिक्री और भंडारण को खाद्य सुरक्षा और मानक एक्ट 2006 के तहत असुरक्षित माना गया है. मछलियों की बिक्री पर प्रतिबंध की अधिसूचना जारी करते हुए हिमादो ने चेतावनी दी कि इसका उल्लंघन करने पर 10 लाख रुपए का जुर्माना और खाद्य सुरक्षा और मानक एक्ट 2006 के नियम 59 के तहत जेल भी हो सकती है.

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