जांजगीर. जांजगीर-चांपा जिला कोरोना काल में छत्तीसगढ़ के सर्वाधिक प्रभावित जिलों में शामिल रहा है। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के चलते लोगों को कोरबा बिलासपुर जैसे अन्य जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है। इसका सर्वाधिक बुरा परिणाम निर्धन वर्ग के लोगों पर होता है ,जो संसाधनों की कमी के चलते अन्य स्थानों पर इलाज करा पाने सक्षम नहीं होते । इन्ही विषयों सहित जिले में टीकाकरण कार्यक्रम में व्याप्त अव्यवस्था को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में मांग करते हुए कहा गया कि-
01. जिला अस्पताल जांजगीर चांपा में सीटी स्कैन की सुविधा नहीं है जिसके कारण लोगों को सर्वाधिक परेशानी होती है
02. कोरोना की दूसरी लहर के बीच जांजगीर में आरटी पीसीआर लैब की स्थापना की बात कही गई थी जो आज पर्यंत शुरू नहीं हो सकी ।
03. जिले में नाम मात्र के वेंटिलेटर उपलब्ध हैं जिसके कारण कोरोना काल में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। इस विषय में प्रशासन द्वारा डी एम एफ मदद से खरीदी की बात कही गई थी जो नहीं हो सकी है।
04. जिले में टीकाकरण संबंधी अव्यवस्था की खबरें लगातार मीडिया के माध्यम से मिलती रहती हैं तथा यह भी की इस विषय पर टीकाकरण अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा निराकरण की दिशा में समुचित प्रयास करना तो दूर फोन भी रिसिव्ह नहीं किया जाता। ऐसे में प्रशासन द्वारा उच्चाधिकारियों के फोन नंबर सार्वजनिक किए जाने का लाभ क्या है तथा स्वास्थ्यगत असुविधा के विषय में आमजन कहां और किससे शिकायत करें ।
नागरिक मंच के पदाधिकारियों ने महामहिम से उक्त विषयों को संज्ञान में लेकर निराकरण का निवेदन किया है।
इस दौरान नागरिक मंच के प्रशांत सिंह ठाकुर, अनुराग तिवारी, अभिमन्यु राठौर पंकज अग्रवाल उपस्थित थे।
Leave a Reply