अयोध्या/नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ( supreme court) में अयोध्या भूमि विवाद मामले पर आज से अंतिम दौर की सुनवाई शुरू हो गई है। मुस्लिम पक्ष की ओर से राजीव धवन अपनी दलीलें रख रहे हैं। वन ने कहा कि जब शुक्रवार को चार दिन की बात तय हुई तो मैं हिंदू पक्ष की दलील का जवाब नहीं दे सका था।
- मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि हिंदू पक्ष का विवादित स्थल पर कभी कब्जा नहीं रहा था, उन्हें सिर्फ पूजा का अधिकार मिला था। किसी ने आजतक नहीं माना है कि हिंदू पक्ष का आंतरिक अहाते पर कब्जा था।
-सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष के राजीव धवन और हिंदू पक्ष के वकील वैद्यनाथन की ओर से लिखित दलीलें पेश का जवाब देते हुए कहा कि गुम्बद के नीचे रामजन्म होने के श्रद्धालुओं के फूल चढ़ाने का दावा सिद्ध नहीं हुआ है, वहां तो ट्रेसपासिंग कर लोग घुस आए थे। उन्होंने कहा कि कभी भी मंदिर तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई, वहां लगातार नमाज़ होती रही है।
अब मैं पूरी रफ्तार से अपनी दलीलें रखूंगा। इसको ध्यान में अयोध्या को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने 10 दिसम्बर तक धारा 144 लागू कर दी है और जिले को किले में तब्दील कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश की सरकार ने संभावित निर्णय के मद्देनजर 10 दिसंबर तक जिले में धारा 144 लागू कर दी है। दीपोत्सव, चेहल्लुम और कार्तिक मेले के दौरान भी निषेधाज्ञा लागू रहेगी। अयोध्या जिले में भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। 18 अक्टूबर से जिले में सुरक्षाबलों की पहली खेप पहुंचनी प्रारंभ होगी।
इसमें पीएसी, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स की कंपनियों के जवान शामिल होंगे। इसके अलावा अयोध्या में रह चुके शीर्ष अधिकारियों को भी दीपावली महोत्सव और सुप्रीम कोर्ट से आने वाले निर्णय को ध्यान में रखकर बुलाया जा रहा है।
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