ग्वालियर। थाटीपुर इलाके की दर्पण कॉलोनी की है । बताया गया है निजी कंपनी में इंजीनियर अलकेश सक्सेना का 11 वर्षीय बेटा सार्थक शाम को घर पर ही ऑनलाइन क्लास अटेंड कर रहा था। इसके बाद बाथरूम चला गया। जब काफी देर बाद भी वह बाहर नहीं आया तो परिजन उसे तलाशते हुए कमरे में पहुंचे, लेकिन कमरा खाली था। कमरा खाली देखकर परिजन उसे तलाशते हुए बाथरूम में पहुंचे तो वह स्कूल की टाई से फांसी लगा चुका था।
पिता अलकेश सक्सेना ने बताया कि वह पढ़ाई में बहुत होशियार था बात योगा की हो चाहे इलेक्ट्रॉनिक सामान से कुछ नया तैयार करने की वह हमेशा एक्सपेरिमेंट करता रहता था। सार्थक दो ऑनलाइन क्लास अटेंड करता था पहली क्लास दोपहर 1:30 से 2:00 बजे तक होती थी तो वहीं दूसरी क्लास दोपहर 3:00 से 3:30 बजे तक चला करती थी। दिन में ऑनलाइन स्कूल क्लास अटेंड करने के बाद भी सार्थक ऑनलाइन वीडियो से पढ़ाई कर रहा था।ऑनक्लास के बाद ऐसा क्या हुआ कि छात्र को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ गया। इस सवाल पर सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
मामले में आरपी खरे सब इंस्पेक्टर का मानना है कि फिलहाल जल्दबाजी में ऑनलाइन क्लास की वजह को आत्महत्या का मुख्य कारण नहीं माना जा सकता ऐसे में पुलिस हर एंगल से पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।जिसके बाद अब ठाठीपुर थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम आत्महत्या की वजह तलाश करने में जुट गई है।
ऑनलाइन क्लास से छोटे बच्चों पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को लेकर मध्य प्रदेश जबलपुर हाई कोर्ट में भी याचिका दायर हो चुकी है. याचिकाकर्ता का कहना है कि सरकार के ऑनलाइन आदेश को तुरंत स्थगित किया जाए क्योंकि यह मामला अवयस्क मासूम बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा हुआ है।
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