नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के तंगधार सेक्टर में पाकिस्तान की गोलीबारी के बाद भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में 6 से 10 सैनिक मारे गए। साथ ही कई आतंकियों को भी सेना ने ढेर कर दिया। रविवार शाम रावत ने कहा कि पाकिस्तान अपना नुकसान नहीं बताना चाहता। अगर पाकिस्तान एक्शन लेने की सोचेगा तो हमारा बहुत बड़ा रिएक्शन होगा।
पाकिस्तान की किसी भी हिमाकत का सख्त जवाब दिया जाएगा। हमने कार्रवाई घुसपैठ रोकने के लिए की थी। कई आतंकी सीमा पार से भारत में घुसने की फिराक में थे। बच्चे आतंकियों के डर से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। हमारी सेना अलर्ट पर है। रावत ने तीन आतंकी कैंपों के तबाह होने की पुष्टि करते हुए बताया कि चौथे को भी नुकसान पहुंचा है।
हमने अथमुकम, जूरा, कुंदलशाही में हमने आतंकी कैंपों को निशाना बनाया। आप देख सकते हैं कि किस तरह से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और लगातार कोशिश कर रहा है कि बर्फबारी से पहले घाटी में आतंकियों की घुसपैठ कराई जा सके। कश्मीर में शांति का माहौल है।
सेब के कारोबार समेत सभी बिजनेस चल रहे हैं। पाकिस्तान चाहता है कि वहां अशांति हो ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बताया जा सके कि आर्टिकल 370 हटने के बाद से माहौल सही नहीं है। हमने आर्टिलरी गंस का प्रयोग कर आतंकी शिविरों को टारगेट किया। हम ऐसे किसी भी ऑपरेशन के मामले में राजनीतिक नेतृत्व को विश्वास में लेकर चलते हैं। सरकार पूरी तरह से हमारे साथ है। पाकिस्तानी सेना अपना नुकसान बताना नहीं चाह रही है।
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