डेस्क। Singapore Factory Fire: सिंगापुर के एक इंडस्ट्रियल एरिया में भीषण आग लगने के कारण एक भारतीय नागरिक समेत 38 लोगों की मौत हो गई है। वहीं सिंगापुर में औद्योगिक एरिया में आग लगने से ये बीते साल की 46वीं घटना है, जो 2016 के बाद से सबसे ज्यादा हुई है, जो यह बताता है, कि सिंगापुर में मजदूरों की जिंदगी के साथ कितना ज्यादा खिलवाड़ किया जाता है और देश में फैक्ट्रियों के अंदर कामकाज को लेकर कितनी गड़बड़ियां होती हैं।
इस एरिया में लगी भीषण आग
सिंगापुर के मिनिस्ट्री ऑफ मैनपावर (एमओएम) ने शनिवार को यह कहा है कि, प्रारंभिक जांच के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 21 तुआस एवेन्यू-3 साइट पर लगी आग बेकाबू हो गई जिसमें 38 लोगों की मौत भी हो गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, कि इंडस्ट्रियल एरिया में सिलेंडरों से अनियंत्रित एसिटिलीन गैस रिलीज होने के कारण भीषण आग लग गई थी जिसको अब काबू में कर लिया गया है। साथ ही आग लगने की वजह से मारे गए भारतीय नागरिक की पहचान अभी तक उजागर नहीं की गई है। वहीं इस आग में एक 43 वर्षीय चीनी नागरिक भी झुलस गया है जिसका इलाज सिंगापुर जनरल अस्पताल में हो रहा है।
सरकार ने क्या कार्रवाई करी, ये भी जानिए
सिंगापुर के एमओएम ने बताया है कि, उसने एशिया टेक्निकल गैस के नियोक्ता को ज्वलनशील गैस सिलेंडरों की जांच और रखरखाव से संबंधित सभी गतिविधियों को फौरन बंद करने का आदेश दिया है। और स्ट्रेट्स टाइम्स अखबार ने मंत्रालय का हवाला देते हुए कहा है कि “ज्वलनशील गैसों वाले गैस सिलेंडरों से निपटने के दौरान ऐसी गैसों के किसी भी लीकेज को रोकने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए जाने चाहिए, कि काम का माहौल इग्निशन स्रोतों से एकदम ही मुक्त हो।”
जानकारी के लिए बता दें सिंगापुर में साल 2016 के बाद से साल 2022 में कार्यस्थलों पर सबसे अधिक मौतें दर्ज की गई हैं जिसमें 66 लोगों की मौत भी हुई है। वहीं मंत्रालय ने नियोक्ताओं को याद दिलाया है, कि श्रमिकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और प्रमुख सुरक्षा चूक वाले लोगों को जवाबदेह भी ठहराया गया है। साथ ही सरकार की तरफ से कहा गया है कि, उन्हें वित्तीय दंड, काम रोकने के आदेश, विदेशी जनशक्ति प्रतिबंध और कानून का सामना करना भी पड़ सकता है।
Leave a Reply