अब जानवरों को भी लगेगी स्वदेशी कोरोना वैक्सीन

 

डेस्क। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गुरुवार को जानवरो को बड़ी सौगात देते हुए, देश में कोरोना की पहली स्वदेशी वैक्सीन एनोकोवैक्स लांच की है। बता दें इस वैक्सीन को हरियाणा स्थित आइसीएआर-नेशनल रिसर्च सेंटर आन इक्विंस (एनआरसी) ने विकसित किया है।

दी गई जानकारी के अनुसार एनोकोवैक्स जानवरों के लिए एक निष्कि्रय सार्स-कोव-2 डेल्टा (कोरोना के एक वेरिएंट) की वैक्सीन है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) के द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार यह वैक्सीन कोरोना के डेल्टा और ओमिक्रोन वेरिएंट से जानवरो को सुरक्षा देने में कारगर है। यह वैक्सीन श्वानों , शेरों, तेंदुओं, चूहों और खरगोशों को देने की तैयारी है। 

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र, हिसार द्वारा विकसित चार प्रौद्योगिकियों का विमोचन आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया।

इनमें पशुधन को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए वैक्सीन भी शामिल है। 

— Narendra Singh Tomar 

इसके साथ ही एक किट भी लॉन्च की गई है। इसे विशिष्ट न्यूक्लियोकैप्सिड प्रोटीन आधारित एलिसा किट बताया गया है। इस किट को भारत में बनाया गया है और इसके लिए एक पेटेंट भी दायर किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने इक्वाइन डीएनए पेरेंटेज टेस्टिंग किट को भी लांच किया। 

बता दें कि जानवरों के लिए बनाई गई कोरोना वैक्सीन और डायग्नोस्टिक किट को वर्चुअल तरीके से लांच किया गया जिसके बाद केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा, वैज्ञानिकों के अथक योगदान के कारण देश वैक्सीन के आयात करने के बजाय अपने स्वयं के टीके को विकसित कर पाया है। और आत्मनिर्भर बना है। यह वास्तव में भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

इस लॉन्च कार्यक्रम में आइसीएआर के महानिदेशक त्रिलोचन महापात्र, पशुपालन और डेयरी सचिव अतुल चतुर्वेदी, और आइसीएआर के उप महानिदेशक (पशु विज्ञान) भूपेंद्र नाथ त्रिपाठी शामिल हुए। बता दें कि आइसीएआर देश का प्रमुख कृषि अनुसंधान संस्थान है और यह केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।

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