श्रीनगर । केंद्र सरकार ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद एक बार फिर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को श्रीनगर में तैनात करने का निर्णय लिया है। बीएसएफ को 14 साल बाद घार्टी में मोर्चा संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। केंद्र सरकार ने बीएसएफ की 100 अतिरिक्त कंपनियां जम्मू और कश्मीर बुलवा ली है। यह तैनाती बीएसएफ के जवानों को लोकसभा चुनाव से पहले नियमित अभ्यास के तहत दी गई है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इससे पहले बीएसएफ को 2016 में घाटी में अशांति के समय अस्थायी तौर पर एक हफ्ते के लिए तैनात किया गया था, लेकिन उसे तुरंत वहां से हटा लिया गया था। पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति के बीच यह तैनाती की गई है। बीएसएफ की कश्मीर में तैनाती सीआरपीएफ की जगह हुई है। इसका मकसद घाटी में कानून-व्यवस्था दुरुस्त करना है।
अब बीएसएफ के जवान आईटीबीपी की कंपनियों के साथ मिलकर कश्मीर में तैनात सीआरपीएफ की कंपनियों से स्थिर गार्ड ड्यूटी संभालेगी। पुलवामा हमले के बाद सरकार ने अलगाववादियों के खिलाफ भी बड़ा अभियान चलाया है और 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। इनमें जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर भी शामिल है। इस संगठन के मुखिया अब्दुल हमीद फयाज को भी हिरासत में लिया गया है।
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