पाकिस्तान के लरकाना में मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक हिंदू छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। लरकाना के बीबी आसिफा डेंटल कॉलेज में नम्रिता चंदानी का शव उसके हॉस्टल के कमरे में चारपाई से बंधा हुआ पाया गया। डेंटल कॉलेज में फाइनल इयर की स्टूडेंट नम्रिता की इस मौत को लेकर पुलिस का कहना है कि अभी इसे आत्महत्या या हत्या कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।
हालांकि ट्विटर पर इस पूरे मामले को जबरन धर्मांतरण और अल्पसंख्यक उत्पीड़न की घटनाओं से भी जोड़ा जा रहा है। नम्रिता के भाई डॉ. विशाल सुंदर ने भी इस मामले को एक तरह से अल्पसंख्यक उत्पीड़न करार दिया है। उन्होंने कहा, ‘उसकी शव पर कई जगहों पर चोट के निशान हैं। ऐसा लगता है कि जैसे किसी ने उसे पकड़ रखा था। हम अल्पसंख्यक हैं और प्लीज हमारी मदद के लिए खड़े हों।’
पाकिस्तान के ही तमाम ट्विटर यूजर्स ने इस घटना पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि यह सूइसाइड नहीं बल्कि मर्डर है, जिसकी जांच होनी चाहिए। इस मसले को अल्पसंख्यक उत्पीड़न की एक और घटना करार देते हुए पाकिस्तान में हिंदुओं की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाने की मांग की जा रही है।
नम्रिता सिंध के घोटकी जिले की रहने वाली थीं, जहां हाल ही में हिंदू मंदिरों को तोड़े जाने की घटनाएं हुई थीं। सोमवार को नम्रिता चंदानी के रूम पर जब उनके साथ पढ़ने वाले छात्र पहुंचे तो दरवाजा अंदर से लॉक था और कई बार खटखटाने के बाद भी जब कोई आवाज नहीं आई तो गार्ड ने दरवाजे को तोड़ा। अंदर जाकर देखा तो नम्रिता की लाश चारपाई पर पड़ी थी और उनकी गर्दन पर एक रस्सी कसी हुई थी।
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