कैसे शुरू हुई बीजेपी की विकास यात्रा

राजनीति– बीजेपी आज के समय मे सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी बनकर उभरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को बीजेपी के लिये तुरुप का इक्का कहा जाता है। विपक्ष बीजेपी की नीतियों के आगे जमीन पर धड़ाम हो गया है और खुद के अस्तित्व को बचाने के लिए आज बीजेपी की ही नीतियों को अपनी ढाल बना रहा है।
लेकिन अब सवाल यह उठता है कि आखिर बीजेपी इतनी बड़ी राजनैतिक पार्टी कैसे बन गई कि आजादी के दौर की लोकप्रिय पार्टी कांग्रेस बीजेपी के आते ही बिखर गई और अब अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रही है।
बीजेपी की स्थापना 21 अक्टूबर 1951 में हुई। उस समय बीजेपी फ्रेश पार्टी थी कोई बीजेपी के उद्देश्य से परिचित नही था। लोगो की जुबान पर सिर्फ कांग्रेस का नाम था। जब बीजेपी की स्थापना श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी तब इनका चुनाव चिन्ह जलता हुआ दीपक था।
उस समय बीजेपी काफी कमजोर थी आज जो बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में अपना जलवा बिखेर रही है। एक समय उसको 2, 4 सींटो में ही संतुष्ट होना पड़ा था। लेकिन बीजेपी ने हार नही मानी और अपने संघर्ष के बलबूते पर अपना अस्तित्व स्थापित किया।
1957 में हुए लोकसभा चुनाव में जनसंघ पार्टी को 4, 1962 में 14, 1967 में 35 सीटें मिलीं. 1977 में कई राजनीतिक दल जनसंघ में मिल गए और इस तरह इसे नया नाम दिया गया- जनता पार्टी।
लेकिन आपातकाल ने इस पार्टी की छवि बदल दी।1977 में आपातकाल के बाद जब लोकसभा सभा चुनाव हुए तो पार्टी ने 295 सीटें जीतें और केंद्र में मोरारजी देसाई के नेतृत्व में सरकार बनी और यही से बीजेपी के विकास की यात्रा शुरू हो गई।
लेकिन सरकार बनने के बाद पार्टी को आंतरिक कलह से जूझना पड़ा। पार्टी का गठबंधन टूट गया और सरकार गिर गई।1980 में लोकसभा चुनाव हुए तो पार्टी को मिली करारी हार के बाद नई पार्टी बनने की योजना बनी और 1980 में बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ।
भाजपा के गठन के बाद 1984 में जब लोकसभा का चुनाव हुए तो बीजेपी महज 2 सींटो पर सिमट गईं। लेकिन प्रभु श्री राम बीजेपी के लिए मुद्दा बन गए और राम मंदिर आंदोलन ने बीजेपी की एक नई छवि गढ़ी। इस आंदोलन का फायदा बीजेपी को हुआ और 1989 के चुनाव में 80 से अधिक सीटें जीतकर भाजपा ने सत्ता हासिल की।
1996 के चुनाव में पार्टी ने रिकॉर्ड बनाया और 161 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और केंद्र में सरकार बनाई। लेकिन यह सरकार लम्बे वक्त तक नही चल पाई। 1999 में बीजेपी पुनः सत्ता में आई और इस बार बीजेपी ने अपना कार्यकाल पूरा किया।
लेकिन इसके बाद बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा और वह विपक्षी दल के रुप में उभरी। लेकिन साल 2014 में जब चुनाव हुआ। तो बीजेपी का स्लोगन हर हर मोदी घर घर मोदी गूंजने लगा। अच्छे दिन आने वाले हैं हम मोदी जी को लाने वाले हैं कि धूम मच गई और जनता के समर्थन के साथ बीजेपी ने 282 सीटों के प्रचंड बहुमत के साथ पार्टी सत्ता में वापसी की।
यह जीत बीजेपी के लिए उसके स्वर्णिम युग की शुरुआत थी। इसके बाद 2017 में बीजेपी ने उत्तरप्रदेश में सरकार बनाई और लोगो का दिल जीत लिया। राम मंदिर के फैसले ने बीजेपी की एक अलग छवि गढ़ दी और 2019 के चुनाव में विपक्ष एकता को बीजेपी ने मात दी और केंद्र में पुनः मोदी का गुंजन हुआ।
वही अब साल 2024 का चुनाव बीजेपी में फोकस पर है। क्योंकि कांग्रेस अपने अस्तित्व को पाने के लिए संघर्ष कर रही है और बीजेपी अगर पुनः वापसी करती है तो यह बड़ी उपलब्धि साबित होगी। लेकिन यदि कांग्रेस को जनता का समर्थन मिलता है तो राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा सफल हो जाएगी।

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