मुंबई। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। पिछले माह हुए विधानसभा चुनाव के बाद कोई भी पार्टी या गठबंधन सरकार बनाने में सफल नहीं रही। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से अनुशंसा की, जिसके कुछ ही घंटों बाद यह निर्णय लिया गया। राज्यपाल ने कहा कि वह आश्वस्त हैं कि ऐसी परिस्थिति में महाराष्ट्र सरकार को संविधान के अनुसार नहीं चलाया जा सकता।
गृह मंत्रालय ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा वाली संचिका राष्ट्रपति के पास भेजी, जिसके बाद उन्होंने इस बाबत अपनी सहमति दी। इससे पहले, रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा था कि वह अपने गठबंधन के साथी शिवसेना के रुख को देखते हुए महाराष्ट्र में सरकार गठन नहीं करेगी।
288 सदस्यीय विधानसभा में, भाजपा 105 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और वह शिवसेना के साथ आसानी से सरकार बनाने की स्थिति में थी, लेकिन 56 सदस्यों वाली शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद को लेकर मतभेद की वजह से भाजपा का साथ देने से इनकार कर दिया था। उसके बाद से शिवसेना ने कांग्रेस और राकांपा की मदद से सरकार गठन करने का प्रयास किया।
राज्यपाल ने सबसे पहले भाजपा को सरकार गठन के लिए आमंत्रित किया था, उसके बाद उन्होंने रविवार को शिवसेना को आमंत्रित किया। शिवसेना को हालांकि 24 घंटे की समयसीमा में पर्याप्त विधायकों का समर्थन हासिल नहीं हो सका।
उसके बाद कोश्यारी ने सोमवार शाम को राकांपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया और समर्थन दर्शाने के लिए मंगलवार रात 8 बजे तक का समय दिया था, हालांकि उससे पहले ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया।
UPDATES
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महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग गया है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की थी। राज्यपाल की सिफारिश को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्वीकृति दे दी है। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने शरद पवार से मुलाकात की है।
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महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की कैबिनेट की सिफारिश पर हस्ताक्षर कर दिया है। पंजाब के दौरे पर गए राष्ट्रपति जैसे ही दिल्ली लौटे उन्होंने गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपति शासन की भेजी गई सिफारिश पर अपनी मुहर लगा दी। इसके साथ ही महाराष्ट्र में 24 अक्टूबर से बरकरार राजनीतिक अनिश्चितता का फिलहाल पटाक्षेप हो गया है।
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राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) नेता प्रीति शर्मा मेनन ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी को हमेशा देश से पहले रखा है। मेनन ने ट्वीट किया, कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी को हमेशा देश से पहले रखा है। लोकसभा चुनाव में उन्होंने क्षेत्रीय गठबंधन से इनकार किया और भाजपा को सूपड़ा साफ करने में मदद की। अब वे भाजपा को थाली में परोसकर महाराष्ट्र दे रहे हैं। यह रूखा रवैया उसे जल्द ही खत्म कर देगा। कांग्रेस विधायकों को पवार से मिलना चाहिए।
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राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शिवसेना सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई और याचिका दाखिल की। शिवसेना का कहना है कि भाजपा को दावा पेश करने के लिए 48 घंटे, जबकि उन्हें सिर्फ 24 घंटे दिए गए।
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महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राजनीतिक पार्टियों को चौंकाते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा वाली एक रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजी है। राजभवन की ओर से घोषणा के अनुसार, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी इस बात से संतुष्ट हैं कि चूंकि राज्य सरकार को संविधान के अनुसार नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने इस बाबत संविधान के अनुच्छेद 356 के प्रावधानों पर विचार करने के बाद आज एक रिपोर्ट दाखिल की है।
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राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार, उनके भतीजे व पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने सरकार गठन मुद्दे पर चर्चा के लिए यहां एक अहम बैठक की।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में कैबिनेट बैठक बुलाई। इस बैठक में महाराष्ट्र में जारी उठापटक को देखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की गई है। कैबिनेट की अनुशंसा राष्ट्रपति के पास भेजी जाएगी।
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टीवी चैनल के मुताबिक महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी केंद्रीय गृह मंत्रालय से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश कर सकते हैं। राज्यपाल ने राज्य की राजनीतिक स्थिति पर तैयार रिपोर्ट में यह सिफारिश की है।
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AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर कांग्रेस-एनसीपी, शिवसेना के साथ आती है तो यह अच्छा ही होगा। सब बेनकाब होंगे और पता चलेगा कि कौन किसका वोट काट रहा था और कौन किसके साथ मिला था।
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भाजपा नेता आशीष शेलार ने शिवसेना नेता संजय राउत से लीलावती असत्पाल में मुलाकात की। राउत राउत को सोमवार को सीने में दर्द की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था।
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कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार गठन को लेकर राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार से बात की। अहमद पटेल, वेणुगोपाल और मल्लिकार्जुन खड़गे मुंबई में पवार से इस मामले में वार्ता करेंगे।
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कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि हम सभी से बातचीत कर रहे हैं। एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ बातचीत जारी है। सब मिलकर बात करेंगे और मसला सुलझाएंगे। बातचीत के बाद ही हम किसी फैसले पर पहुंचेंगे।
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एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा, सरकार में देरी को लेकर करूंगा कांग्रेस से बात। कांग्रेस-एनसीपी बैठक के सवाल पर पूछा कैसी बैठक?
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एनसीपी नेता अजीत पवार बोले, जो भी फैसला लेंगे वह एक साथ लिया जाएगा। हम सोमवार को कांग्रेस के जवाब का इंतजार कर रहे थे, मगर उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। हम सरकार बनाने का फैसला अकेले नहीं लेंगे। यहां कोई गलतफहमी नहीं है। हमने साथ चुनाव लड़ा और हम साथ हैं।
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कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने फिर दिखाए बगावती तेवर। ट्वीट में लिखा कि कांग्रेस के पास सरकार बनाने के लिए कोई नैतिक अधिकार नहीं है। यह भाजपा और शिवसेना की विफलता है कि उन्होंने राज्य को राष्ट्रपति शासन के कगार पर खड़ा कर दिया।
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शिवसेना नेता संजय राउत ने ट्वीट किया, लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, बच्चन. हम होंगे कामयाब, जरूर होंगे।
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