मध्य प्रदेश में प्रेम विवाह के बाद ‘तेरहवीं’ का अनोखा मामला: परिवार ने मनाई बेटी की ‘मृत्यु’ की रस्में
क्या आपने कभी सुना है कि किसी बेटी के प्रेम विवाह करने पर उसके परिवार ने उसकी ‘मृत्यु’ की रस्में मनाई हों? मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने सबको दंग कर दिया है. इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी खूब तूफ़ान मचा रखा है. एक युवती ने जब अपने प्रेमी के साथ प्रेम विवाह किया, तो परिवार में भूचाल आ गया. गुस्से में आकर पिता और भाई ने अपनी बेटी-बहन के लिए तेरहवीं के रस्मों का आयोजन किया. आइए जानते हैं इस हैरान करने वाली घटना की पूरी कहानी.
प्रेम विवाह ने मचाई हलचल
शक्करखेड़ी गांव की भगवती नाम की युवती ने भीतितरोद गांव के दीपक पाटीदार से प्रेम विवाह कर लिया. यह प्रेम विवाह परिवार को बिल्कुल भी रास नहीं आया. पारिवारिक रिश्तों की अवहेलना और अनोखे विरोध को लेकर ये मामला सुर्ख़ियों में छा गया है. जब परिवार को इस प्रेम विवाह के बारे में पता चला, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया. परिणामस्वरूप उन्होंने एक अजीबोगरीब कदम उठाया जिससे सभी हैरान हैं.
परिवार ने मनाई बेटी की ‘तेरहवीं’
गुस्से में आकर पिता और भाई ने 1 दिसंबर को सुबह 9 बजे घर में युवती की फोटो रखकर तेरहवीं की सभी रस्में पूरी कीं. जैसे किसी के मरने पर तेरहवीं की रस्में होती हैं, वैसे ही उन्होंने भगवती के लिए रस्में पूरी कीं. इस घटना की तस्वीरें और वीडियोज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे हर कोई हैरान परेशान है. ऐसा अनोखा विरोध देखकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ कार्ड
परिवार ने लगभग 5 दिन पहले ही इस ‘तेरहवीं’ के लिए कार्ड छपवा कर रिश्तेदारों और परिचितों में बांटा था. यही नहीं, यह कार्ड सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कार्ड की तस्वीरें दर्शा रही हैं कि कैसे परिवार ने अपनी बेटी की ‘मृत्यु’ का ऐलान किया.
यह दूसरा नहीं बल्कि दूसरा मामला है
यह ऐसा पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी मंदसौर जिले के दलावदा गांव में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था जहाँ एक युवती के प्रेम विवाह पर उसके परिवार ने तेरहवीं की रस्में पूरी की थीं. यह घटनाएँ एक गंभीर सामाजिक मुद्दे पर ज़रूर प्रकाश डालती हैं. क्या यह युवाओं को प्रेम विवाह से दूर रखने की एक कोशिश है? या यह माता-पिता की ओर से एक अप्रत्याशित प्रतिक्रिया है?
प्रेम विवाह के सामाजिक आयाम
भारतीय समाज में प्रेम विवाह अक्सर विवादों और टकराव का कारण बनते हैं. पारिवारिक दबाव, सामाजिक मानदंड और जाति-धर्म जैसी बाधाएं प्रेम विवाहों के रास्ते में कई बार रुकावट बन जाती हैं. ऐसे में परिवार की ऐसी प्रतिक्रिया ज़ाहिर करती है कि आज भी सामाजिक दबाव कितना प्रभावी है. ऐसे प्रकरण समाज में चिंता का विषय बन गए हैं. यह विचारणीय है कि क्यों कुछ परिवार प्रेम विवाह को अस्वीकार कर देते हैं और ऐसे कदम उठाते हैं.
Take Away Points
- मध्य प्रदेश के मंदसौर में प्रेम विवाह के बाद परिवार ने बेटी की ‘तेरहवीं’ मनाने की खबर ने सभी को चौंका दिया है.
- परिवार ने 5 दिन पहले ही तेरहवीं का कार्ड छाप कर वितरित किया था जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ.
- यह मंदसौर में इस तरह की दूसरी घटना है, जो सामाजिक दबाव और प्रेम विवाह के प्रति विचारधारा को उजागर करती है.
- इस घटना ने प्रेम विवाह और पारिवारिक रिश्तों पर सवाल खड़े किए हैं.

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