नई दिल्ली केंद्र सरकार ने कोरोना संकट काल में पूरी तरह से थम चुके पर्यटन उद्योग के पहिए को फिर से रफ्तार देने की कोशिशें तेज की हैं। केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रल्हाद सिंह पटेल ने गुरुवार को इसे लेकर राज्यों के पर्यटन मंत्रियों से चर्चा शुरू की है। इस दौरान उन्होंने पर्यटन उद्योग को फिर खड़ा करने को लेकर अपना विजन भी सामने रखा और कहा कि घरेलू पर्यटन को मजबूती देकर इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने इसके लिए राज्यों को पर्यटकों की बेरोकटोक आवाजाही के लिए एक समान प्रोटोकॉल तैयार करने का सुझाव दिया। मौजूदा समय में कोरोना के चलते सभी राज्यों में अपने अलग-अलग नियम बना रखे हैं, जिसके चलते पर्यटक बाहर निकलने से बच रहे हैं।
पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को फिर से पुराने स्वरूप में लौटाने को लेकर राज्यों के साथ रखी गई इस दो दिनी वर्चुअल बैठक में गुरुवार को पहले दिन करीब 15 राज्यों के पर्यटन मंत्री व अधिकारी शामिल हुए। शुक्रवार को बाकी के 21 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक होगी। पहले दिन की बैठक में जिनसे चर्चा की गई, उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान आदि प्रमुख राज्य शामिल थे।
इस दौरान राज्यों ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत लंबित अपने प्रस्तावों को जल्द मंजूरी देने सहित आत्मनिर्भर पैकेज से वित्तीय मदद भी उपलब्ध कराने की मांग रखी। इस पर केंद्रीय मंत्री पटेल ने जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया। केंद्रीय मंत्री ने राज्यों से घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने का सुझाव देते हुए कहा कि वह अपने राज्यों में पर्यटन के ऐसे और नए स्थलों को चिन्हित करें, जहां पर्यटकों को आकíषत जा सकता है। उन्होंने इस दौरान पर्यटकों की सुविधा के लिए शुरू की गई साथी, निधि जैसी मुहिम की जानकारी भी दी। साथ ही राज्यों से कहा कि वे पर्यटकों के आवागमन को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं, तभी पर्यटकों का भरोसा बहाल हो पाएगा।
आयोग्य सेतु देखकर ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रवेश की मिलेगी इजाजत
संस्कृति और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर केंद्र सरकार ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके तहत ऐसे कार्यक्रमों में सिर्फ उन्हीं को शामिल होने की अनुमति दी जाएगी, जिनके मोबाइल में आरोग्य सेतु एप होगा और वह भी ग्रीन होगा। इनमें कलाकार और दर्शक दोनों ही शामिल होंगे। इसके साथ ही कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए मास्क पहनना जरूरी होगा। साथ ही कार्यक्रम में सभी के लिए दो गज की दूरी अनिवार्य होगी।
संस्कृति मंत्रालय ने ये दिशानिर्देश ऐसे समय में जारी किए हैं, जब गृह मंत्रालय ने अपने हालिया निर्देश में सिनेमा हॉल, थियेटर सहित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन को 15 अक्टूबर से शुरू करने की अनुमति दे दी है। इस बीच संस्कृति मंत्रालय ने अपने दिशानिर्देशों में स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय के निर्देशों का अनिवार्य पालन करने को कहा है।
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