पटना। बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के नेताओं से मिलने के लिए शनिवार को जेल पहुंचे। उन्होंने बजरंग दल के संयोजक जितेंद्र प्रताप जीतू और विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष कैलाश विश्वकर्मा की गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सीधे नीतीश कुमार पर निशाना साधा। गिरिराज सिंह ने कहा कि शासन और प्रशासन हिंदुओं को दबा रहा है। जितेंद्र प्रताप जीतू और कैलाश विश्वकर्मा को बिहार के नवादा में सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप है।
गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार सरकार एडमिनिस्ट्रेशन के मन में एक बात बैठी हुई है कि सांप्रदायिक सद्भाव तभी कायम हो सकता है जब हिंदुओं को दबाया जाएगा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, मैं अपील करता हूं कि इस नजरिए को बदलें। गिरिराज सिंह यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि बजरंग दल और वीएचपी के कार्यकर्ताओं पर फर्जी केस लगाकर उन्हें जेल भेजा गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नवादा में रामनवमी के दौरान जो भी हिंसक घटनाएं हुईं, वे दुर्भाग्यपूर्ण थीं। उन्होंने कहा कि नवादा में जो हिंसा भड़की थी, वह दुर्गा और हनुमान की मूर्ति तोड़ने जाने के बाद भड़की। गिरिराज सिंह ने जेल भेजे गए बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ताओं का बचाव करते हुए कहा कि ये वो लोग नहीं हैं, जिन्होंने हिंसा फैलाई, बल्कि ये लोग तो शांति स्थापित करने वाली कमेटी के सदस्य थे, जिन्होंने हालात सुधारने के लिए प्रयास किए थे।
उन्होंने कहा कि जिले के बहुसंख्यक समाज के लोगों ने सामाजिक सद्भाव को कायम करने की पहल की थी, चाहे अकबरपुर, रजौली का मननपुर हो, पकरीबरावां का धमौल या नवादा, सभी जगह इन्हीं लोगों ने सामाजिक सद्भाव को बरकरार रखने के लिए कदम उठाया, लेकिन इन्हीं लोगों को शहर का माहौल खराब कर, तनाव फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार पुलिस की यही कार्रवाई लोगों को उकसाने का काम कर रही है। शासन हिंदुओं को प्रताड़ित करने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के लिए लोगों का सहयोग करना उनका संवैधानिक अधिकार है, लेकिन कार्रवाई दिखाने के लिए इन दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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