PM मोदी कोरोना से लडऩे में उभरे ग्लोबल लीडर बनकर, फिर दिखाई विश्व को साथ लेने व नेतृत्व देने की क्षमता

PM मोदी कोरोना से लडऩे में उभरे ग्लोबल लीडर बनकर, फिर दिखाई विश्व को साथ लेने व नेतृत्व देने की क्षमता

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ चल रहे वैश्विक अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लीड लेते दिखाई दे रहे हैं। माना जा रहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की घोषणा से पहले ही भारत ने अपने आपको इस वायरस से लडऩे के लिए तैयार कर लिया था। साथ ही इस मुद्दे पर वैश्विक लीडर को साथ आने का निमंत्रण देकर पीएम मोदी ने एक बार फिर साबित करने की कोशिश की, उनमें विश्व को साथ लेने और नेतृत्व देने की क्षमता है।

खासकर सार्क देशों को इस मुद्दे पर एक साथ लाकर पीएम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वो स्टेट्समैन हैं। पीएम मोदी का समय रहते हरकत में आना और महामारी को रोकने के लिये प्लानिंग ऐसी की गई कि आज कोरोना को बड़े स्तर पर फैलने से रोकने में भारत सफल रहा है। ऐसा कर मोदी सरकार ने दुनिया को दिखा दिया है कि एपिक सेंटर चीन के सबसे करीब होने के बाद भी भारत में ये महामारी बड़े पैमाने पर क्यों नही फैली और भारत कोरोना को कैसे काबू करने में सफल रहा है।

ये बात किसी से छुपी नहीं है कि कोरोना वायरस की आहट पाते ही पीएम मोदी ने एक ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स गठित कर दिया। हर रोज वे ट्वीट कर संदेश देते रहे। स्वास्थ्य मंत्रालय एडवाइजरी जारी करता रहा। होमियोपैथी, दवाओं और बचने के उपायों के बारे में देशभर में जागरूकता अभियान चलता रहा। आलम ये रहा कि जब तक विश्व स्वास्थ्य संगठन इसे महामारी घोषित करता भारत में पूरा तंत्र और नागरिक सतर्क हो चुका था।

पीएम मोदी ने इस महामारी से लडऩे के लिए दुनियाभर के देशों को साथ आने को प्रेरित किया। बीमारी की भयावहता को देखते हुये कई देशों ने पीएम मोदी के साथ चलने का ऐलान कर दिया है। अब वो दुनिया के पहले ऐसे राजनेता बन गए हैं, जिन्होंने कोरोना वायरस के खिलाफ दुनिया के देशों से पारस्परिक सहयोग का आह्वान किया है।

शुक्रवार को पीएम मोदी ने ट्वीट कर सार्क देशों का आह्वान किया और आज यानि रविवार को सार्क देश कोरोना से मिलकर लडऩे के लिए एक प्लेटफॉर्म पर जुट रहे हैं, ताकि पूरे उप महाद्वीप को इस महामारी से बचाया जा सके। मोदी ने अपील की थी कि सभी देश हाथ मिला कर दुनिया के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। गुरुवार को पीएम मोदी को इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का फोन कॉल आया। दोनों नेताओं के संबंध बड़े अच्छे हैं।

इजराइल ने कोरोना वायरस का तोड़ निकलने का दावा भी कर दिया है। जाहिर है कि चर्चा कोरोना के कंट्रोल पर ही हुई थी। ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉन्सन से भी पीएम मोदी ने बात की। पीएम मोदी ने उनके साथ कोरोना वायरस पर चर्चा की और साथ ही वहां की स्वास्थ्य मंत्री एन डोरिस के कोरोना पीडि़त होने पर चिंता जताई और उनके जल्द स्वास्थ्य होने की कामना की। ये पीएम मोदी की दुनियाभर के शासनाध्यक्षों के साथ दोस्ती का असर है कि भारतीय परंपरा दुनिया के कोने-कोने में असर दिखा रही है।

कोरोना के हमले के बाद अब भारतीय परंपरा का हर देश पालन कर रहा है। नमस्ते का भारतीय स्टाइल कोरोना के हमले के बाद दुनियाभर में इस्तेमाल होने लगा है ताकि संपर्क से बचा जा सके। डब्ल्यूएचओ की रीजनल डायरेक्टर पूनम खेत्रपाल ने भी भारत सरकार के कामकाज को सराहते हुए कहा कि यहां जो भी कदम उठाए जा रहे हैं वो सही हैं। कुल मिलाकर पीएम मोदी एक ऐसे ग्लोबल लीडर बन कर उभरे हैं जिनकी तरफ कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सबकी नजर है।

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