डेस्क। भारत की ओर से गलती से चली सुपरसोनिक मिसाइल जो पाकिस्तान में जा गिरी; वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति तो भंग करती दिखाई दे रही है। भारत नद इस मुद्दे को एक तकनीकि गलती बताया है। तो वहीं पाक के पीएम इमरान खान और विदेश मंत्रालय इसपर बार-बार भारत को कड़घरे में लेता नज़र आ रहा है।
इसी बीच मामले में अमेरिका की तरफ से भी बयान सामने आया है। अमेरिका ने अपने बयान में भारत के बयान को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। और इस मुद्दे को सिर्फ एक दुर्घटना करार दिया है।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भारत की तरफ से मिसाइल दागा जाना केवल एक दुर्घटना मात्र थी। वह अपने बयान में आगे बोले कि इस बात के कोई संकेत नहीं है कि यह एक दुर्घटना के सिवा कुछ और थी? यह दुर्घटना के अलावा कुछ और नहीं थी। प्राइस ने एक सवाल के जवाब में कहा कि भारतीय रक्षा मंत्रालय ने 9 मार्च को ही एक बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया था कि क्या हुआ था। फिर उन्होंने कहा कि हम इससे आगे इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते हैं।
आपको बता दे कि भारत के आधिकारिक बयान में केंद्र सरकार ने कहा था कि 9 मार्च 2022 को नियमित रखरखाव के दौरान, एक तकनीकी खराबी के कारण मिसाइल की आकस्मिक फायरिंग हुई। भारत सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और एक हाई लेवल कोर्ट ऑफ इनक्वायरी का आदेश दिया है। यह बयान तब आया जब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मियां चन्नू शहर में नौ मार्च को एक मिसाइल गिर गई थी। इसके बाद भारत की तरफ इसे अफसोसजनक और त्रुटि करार दिया। लेकिन पाकिस्तान में इसको लेकर बवाल मचा दिया है। पाकिस्तान ने इसपर संयुक्त जांच की मांग को भी दोहराया है।
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