फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बॉक्सर बने अमित पंघाल, रच सकते है आज एक और इतिहास

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एशियन चैंपियन अमित पंघाल (52 किग्रा) शुक्रवार को कजाखस्तान के साकेन बिबोसिनोव को हराकर वर्ल्ड मेंस बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बॉक्सर बने। दूसरे वरीय पंघाल ने इस चुनौतीपूर्ण मुकाबले में 3-2 से जीत हासिल की। फाइनल में आज उनका सामना उज्बेकिस्तान के शाखोबिदिन जोइरोव से होगा, जिन्होंने फ्रांस के बिलाल बेनामा को दूसरे सेमीफाइनल में शिकस्त दी।

उधर, कॉमनवेल्थ गेम्स के सिल्वर मेडलिस्ट कौशिक ने अपनी पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप में खेलते हुए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। उन्हें क्यूबा के शीर्ष वरीय और पिछले चरण के गोल्ड मेडलिस्ट व मौजूदा पैन अमेरिकी खेलों के चैंपियन एंडी गोमेज क्रूज के हाथों 0-5 से शिकस्त मिली।

गोल्ड पर निगाहें
सेमीफाइनल में जीत के बाद अमित पंघाल बोले- मुकाबला मेरे लिए अच्छा रहा, हालांकि मैंने जितना सोचा था मुझे उससे ज्यादा जोर लगाना पड़ा। यह भारतीय बॉक्सिंग के लिए बड़ी उपलब्धि है और मुझे जो समर्थन मिल रहा है, उसका शुक्रगुजार हूं। अब मैं गोल्ड जीतने की पूरी कोशिश करूंगा।’

पहली बार दो मेडल
भारत ने कभी भी वर्ल्ड चैंपियनशिप के एक चरण में एक से ज्यादा ब्रॉन्ज मेडल हासिल नहीं किए हैं लेकिन पंघाल और मनीष कौशिक (63 किग्रा) ने सेमीफाइनल में पहुंचकर इसे बदल दिया। इससे पहले विजेंदर सिंह (2009), विकास कृष्ण (2011), शिव थापा (2015) और गौरव बिधुड़ी (2017) ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीते थे।

लगातार चढ़ा है ग्राफ
भारतीय बॉक्सिंग में पंघाल के ऊपर चढ़ने का ग्राफ शानदार रहा है जिसकी शुरुआत 2017 एशियाई चैंपियनशिप में 49 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल से हुई थी। वह इसी साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में डेब्यू करते हुए क्वॉर्टर फाइनल तक पहुंचे थे और फिर उन्होंने बुल्गारिया में प्रतिष्ठित स्त्रांद्जा मेमोरियल में लगातार गोल्ड मेडल हासिल किया और फिर वह 2018 में एशियन चैंपियन बने। इस साल उन्होंने एशियन चैंपियनशिप का गोल्ड अपने नाम किया और फिर 49 किग्रा के ओलिंपिक्स कार्यक्रम से हटने के बाद 52 किग्रा में खेलने का फैसला किया।

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