काजल हिंदुस्तानी ने खोली भीम आर्मी के ‘रावण’ के करतूतों की पोल, बताया – मेरी प्रोफाइल फोटो से न्यूड पिक बनाकर गंदे मीम्स बनाते हैं

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रावण के घटिया, अश्लील और गाली भरे ट्वीट्स को ले कर काजल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑपइंडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने ऑपइंडिया हिंदी के संपादक अजीत भारती के सवालों का विस्तार से जवाब दिया और रावण के करतूतों की पोल खोली।

रावण हर महिला के लिए इसी तरह की गंदी जुबान का इस्तेमाल करता है। जो महिलाएँ अक्सर उसके निशाने पर रहती हैं, उनमें से एक नाम वीडियो ब्लॉगर काजल हिंदुस्तानी का है। भीम आर्मी का मुखिया चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण सोशल मीडिया में महिलाओं के लिए कितनी गंदी भाषा का इस्तेमाल करता है । लड़कियों के ट्वीट्स के नीचे रेप की बात, वेश्या कहना, जिस्म बेचने वाली कहना आदि पतितों वाली बातें लिखना उसकी हॉबी है।

इनका नारा फेल हो गया।इसके बाद से ही गुजरात का स्वयंभू दलित नेता जिग्नेश मेवाणी गैंग और चन्द्रशेखर का गैंग मैरे पीछे पड़ गया। 2017 के बाद तो रावण ने मुझे इतना परेशान कर दिया कि वह मुझे लाइन चैटिंग करता था। मेरी हर पोस्ट पर कमेंट करता था। लेकिन मैंने कभी उसके कभी जवाब नहीं दिया, क्योंकि वह इस लायक नहीं था। रावण ने एक- डेढ़ साल तक मुझे लगातार परेशान किया। उसने मेरे बच्चों के बारे में भी पता कर लिया।

काजल ने आगे बताया कि जिग्नेश मेवाणी और रावण जैसे लोगों की हरकतों को देखकर तो ऐसा लगता है कि ये लोग 24 घंटे पोर्न देखते होंगे। इसलिए हर एक महिला को ये गंदी नजर से देखते हैं। मेरे लिए ‘बिस्तर गर्म’ करने जैसे शब्दों को पढ़कर लगता है कि ये लोग कितने कुंठित हैं। इनके अंदर भरी गंदगी को कोई भी कर्मचारी साफ नहीं कर सकता।काजल ने बताया कि रावण ने उनके लिए इतने अश्लील शब्दों का प्रयोग किया कि वह बता भी नहीं सकतीं। लेकिन बीते दिनों रावण द्वारा उन पर किए गए सभी कमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

उन्होंने कहा मैं उन सभी भाई-बहनों का शुक्रिया अदा करूँगी जिन्होंने मेरा सपोर्ट किया। मुझे भारतीय महिला होने पर गर्व है। मुझे खुशी है कि इस मामले में सहारनपुर पुलिस और महिला आयोग ने एक्शन लिया है।काजल आगे सवालों का जवाब देते हुए बताती हैं कि ये जो भीम-मीम वाले लोग हैं वे उनकी प्रोफाइल से फोटो निकालकर न्यूड पिक बनाकर गंदे मीम्स बनाते हैं।

इन्हें देखकर कोई भी महिला सुसाइड कर सकती है। चौंकाने वाली बात यह है कि ऐसे लोगों के अकाउंट्स को ट्विटर वेरीफाइ करता है। अपने नाम के पीछे हिंदुस्तानी लगाने को लेकर काजल ने बताया कि गुजरात में 2017 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान उन्हें जिग्नेश मेवाणी वगैरह ने ब्राह्मण होने को लेकर बहुत टार्गेट किया था। इसके बाद उन्होंने अपने नाम के पीछे हिंदुस्तानी लगा लिया, जिससे कि समाज में कोई जाति को लेकर द्वेष पैदा न हो और जातिवाद की राजनीति समाप्त हो। (साभार- ऑपइंडिया)

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