नई दिल्ली। उत्तर भारत के दिल्ली और एनसीआर के गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम समेत आस-पास के इलाकों में हवा इतनी जहरीली है कि अगर कोई सांस भी ले तो भी वह जानलेवा साबित हो सकता है। वायु प्रदूषण का स्तर यानी एक्यूआई इंडेक्स खतरनाक श्रेणी से भी ऊपर पहुंच चुका है।
राजधानी दिल्ली में हेल्थ इमरजेंसी घोषित की गई है । दिल्ली सरकार शुक्रवार को ही पांच नवंबर तक स्कूल बंद रखे जाने का आदेश दे चुकी है। मौसम की जानकारी देने वाली निजी कंपनी ‘स्काईमैट वेदर’ के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक महेश पलावत ने कहा, ‘रविवार को वायु की गति काफी बढ़ गई थी, लेकिन कहीं-कहीं बारिश के बाद आर्दता बढ़ने के कारण धुंध और छाए बादलों ने सूर्य की किरणों को जमीन पर नहीं पहुंचने दिया। इसके परिणामस्वरूप जमीन के निकट वायु ठंडी एवं भारी रही।’
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर रविवार को तीन साल में सबसे खराब स्तर पर पहुंच गया और इसके कारण परेशानी झेल रहे सैकड़ों लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से इच्छा व्यक्त की कि वे खराब वायु गुणवत्ता के कारण शहर छोड़कर जाना चाहते हैं। रविवार को जारी एक सर्वेक्षण के अनुसार वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली और एनसीआर के 40 प्रतिशत से अधिक निवासी शहर छोड़ कर कहीं और बसना चाहते हैं जबकि 16 प्रतिशत निवासियों ने इस दौरान शहर से बाहर जाने की इच्छा प्रकट की। दिल्ली और एनसीआर के 17,000 निवासियों ने इस सर्वेक्षण में हिस्सा लिया।
मास्क लगाने से वायु प्रदूषण सीधा आपके शरीर के अंदर नहीं जा सकता है जिससे उसका खतरा आपके लिए कम हो जाता है। हालांकि, इस स्तर के खराब वायु प्रदूषण में सिर्फ कागज या कपड़े का बना मास्क काफी नहीं है। इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे मास्क जो खतरनाक से खतरनाक स्तर के वायु प्रदूषण में भी आपकी सुरक्षा कर सके।
यह बहुत अजीब और खतरनाक बात है कि इस स्तर के वायु प्रदूषण आप अपने घर के अंदर भी सेफ नहीं है। ऐसे समय में हमेशा अपने घर की खिड़की और दरवाजों को बंद रखें. हालांकि, अगर बाहर स्तर काफी साफ दिखता है तो खिड़कियां खोलकर घर के अंदर मौजूद हवा में गुणवत्ता का मौका न छोड़ें।
घर के अंदर गोल्डन पोथोस, पिस लिली, गुलदाउदी और इंग्लिश आइवी जैसे हवा शुद्ध करने वाले पौधों को लाकर सजावट के तौर पर लगा सकते हैं। ये सभी पौधे घर के अंदर बसे वायु प्रदूषण को कम करने में मददगार होंगे।
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