यमुना नदी की सफाई को लेकर दिल्ली की राजनीति में तूफान! बीजेपी नेता ने गंदे पानी में लगाई डुबकी, केजरीवाल पर साधा निशाना
दिल्ली में यमुना नदी की सफाई को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। एक तरफ आम आदमी पार्टी (आप) सरकार अपने कामों का बखान कर रही है तो दूसरी तरफ बीजेपी यमुना की बदहाल स्थिति को लेकर आप पर निशाना साध रही है। हाल ही में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने यमुना के प्रदूषित पानी में डुबकी लगाकर न सिर्फ़ सबको चौंकाया है बल्कि एक नया राजनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया है। आइए, जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम के बारे में विस्तार से।
यमुना में डुबकी और सियासी पैंतरे
बीजेपी नेता वीरेंद्र सचदेवा ने यमुना के प्रदूषित पानी में डुबकी लगाकर आप सरकार को घेरने की कोशिश की है। उन्होंने इस डुबकी के बाद हुई तकलीफ़ों के बारे में भी बताया। उनका कहना है कि यह डुबकी उन्होंने केजरीवाल सरकार के यमुना को 2025 तक साफ़ करने के वादे को उजागर करने के लिए लगाई। बीजेपी का दावा है कि आप सरकार ने इस दिशा में कुछ खास नहीं किया और करोड़ों रुपए का यमुना सफाई फंड का ग़लत इस्तेमाल हुआ।
सचदेवा का दावा और आम आदमी पार्टी का पलटवार
सचदेवा के इस कदम के बाद आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया और यमुना प्रदूषण के लिए उत्तर प्रदेश और हरियाणा की बीजेपी सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। आप नेता गोपाल राय का कहना है कि अन्य राज्यों से यमुना में बहकर आने वाला प्रदूषित पानी असली मुद्दा है।
छठ पूजा और राजनीति का गठजोड़
छठ पूजा का त्योहार नज़दीक आ रहा है और यमुना की स्थिति को लेकर दोनों दलों का एक-दूसरे पर निशाना साधना लगातार जारी है। इस त्योहार पर यमुना किनारे छठ घाटों पर लोगों का जमावड़ा होता है और यमुना की सफ़ाई की मांग भी तेज हो जाती है। बीजेपी ने इस मौके का भी इस्तेमाल कर अपनी राजनीति को तेज करने की कोशिश की है।
यमुना में प्रदूषण का असली कारण क्या है?
यमुना में बढ़ते प्रदूषण की कई वजहें हैं और इस मामले में सिर्फ़ एक राज्य या एक पार्टी को दोषी ठहराना उचित नहीं है। कई शहरों के औद्योगिक और घरेलू कचरे का यमुना में मिलना, सीवर के पानी का यमुना में मिलना, जलस्तर में लगातार हो रही कमी, ये सभी कारण यमुना के प्रदूषण के लिए ज़िम्मेदार हैं। इसके समाधान के लिए संयुक्त प्रयासों और सरकारों के बीच समन्वय की बहुत आवश्यकता है।
क्या यमुना कभी होगी साफ़?
यमुना की सफाई एक बड़ी चुनौती है और एक लंबा सफ़र है। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकारों को आपस में समन्वय करके ठोस कदम उठाने होंगे और लोगों को भी इस मुहिम में अपनी भागीदारी निभानी होगी। सिर्फ़ राजनीति करने से यमुना साफ़ नहीं हो सकती है।
यमुना के संरक्षण की ज़रूरत
यमुना भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक अंग है। हमें अपनी नदियों की सुरक्षा करना है और उन्हें प्रदूषण से बचाना है। एक सच्चे देशभक्त और नागरिक के तौर पर हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए। आगे आकर लोगों को जागरूक करना होगा और साथ ही सभी सरकारों से कारगर नीतियां लाने की मांग करनी होगी।
Take Away Points
- यमुना नदी के प्रदूषण को लेकर दिल्ली में राजनीति गरमा गई है।
- बीजेपी नेता ने यमुना में डुबकी लगाकर आप पर हमला बोला।
- आप सरकार ने दूसरे राज्यों पर यमुना प्रदूषण के लिए ज़िम्मेदार ठहराया।
- यमुना की सफाई एक दीर्घकालिक और साझा प्रयास की मांग करती है।

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