[object Promise]
बच्चे- बड़े व महिलाएं हर कोई बाजार में रंग- गुलाल व पिचकारियां खरीद रहे हैं। लोगों का कहना है गांव में किसी भी बीमारी का खौफ हो, लेकिन गांव में इसको लेकर किसी भी प्रकार का भय नहीं है। सब लोग अपने त्योहार को मनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं। सभी का कहना है कि इस बार विदेशी रंगों की जगह स्वदेशी गुलाल की खरीदारी कर रहे हैं।
अपने परिवार संग होली के लिए सामग्री लेने बाजार आए हैं। होली खेलने के लिए सामान खरीद रहे हैं। यहां बाजार में किसी भी प्रकार की मंदी नहीं है।
Leave a Reply