मध्य प्रदेश के उज्जैन से पांच लाख का इनामी विकास दुबे गिरफ्तार

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लखनऊ। कानपुर के चौबेपुर में दो व तीन जुलाई की रात दबिश में गई पुलिस टीम पर हमलाकर सीओ सहित आठ जांबाजों का हत्यारा पांच लाख का इनामी विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार हो गया है। सैकड़ों पुलिस टीम के साथ एसटीएफ को बीते सात दिन के चमका दे रहा विकास दुबे हरियाणा के फरीदाबाद से उज्जैन पहुंच गया।

उज्जैन के जिला कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि विकास दुबे महाकाल का दर्शन करने मंदिर में जा रहा था। उसी समय सुरक्षाकर्मियों ने उसको पहचाना और कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद विकास दुबे वहां पर चिल्ला-चिल्लाकर कहने लगा कि मैं ही विकास दुबे हूं। इसके बाद पुलिस की टीम ने उसको पकड़ा और कंट्रोल रूम में लेकर गई।

कानपुर का कुख्यात गैंगस्टर और आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपित विकास दुबे उज्जैन में गिरफ्तार हो गया है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार दुबे सुबह 7:45 अपने कुछ साथियों के साथ महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आया था। इस दौरान वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मी उसे चौकी लेकर पहुंचे।‌ बाद में उज्जैन एसपी मनोज सिंह दुबे को गिरफ्तार कर कंट्रोल रूम ले गए।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बयान मध्यप्रदेश पुलिस को इंटेलिजेंस से कुख्यात अपराधी विकास दुबे के उज्जैन आने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर महाकाल थाना पुलिस ने विकास की गिरफ्तारी की है।महाकाल मंदिर परिसर में पहुँच कर शख्स ने चिल्ला चिल्ला कर खुद को विकास दुबे बताया। मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड ने पकड़ा ओर पुलिस को दी सूचना । महाकाल थाना पुलिस युवक को गाड़ी मे बैठाकर कंट्रोल रूम तरफ लेकर गई।

इससे पहले सुबह कानपुर शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे के करीबी रणबीर शुक्ला और प्रभात मिश्रा को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। प्रभात मिश्रा को पुलिस ने फरीदाबाद के होटल से गिरफ्तार किया था। प्रभात पुलिस की कस्टडी से भाग रहा था। इसके बाद एनकाउंटर में प्रभात को मार गिराया गया। इसके अलावा इटावा में विकास दुबे के करीबी रणबीर शुक्ला को मार गिराया गया है।

पुलिस के मुताबिक, रणबीर शुक्ला ने देर रात महेवा के पास हाईवे पर स्विफ्ट डिजायर कार को लूटा था। उसके साथ तीन और बदमाश थे। पुलिस को लूट की जैसे ही खबर मिली, पुलिस ने चारों को सिविल लाइन थाने के काचुरा रोड पर घेर लिया। पुलिस और रणबीर शुक्ला के बीच फायरिंग शुरू हो गई। इस फायरिंग के दौरान रणबीर शुक्ला को ढेर कर दिया गया। उसके तीनों साथी भागने में कामयाब रहे. इटावा पुलिस ने आस-पास के जिले को अलर्ट कर दिया है। रणबीर शुक्ला पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम रखा था। वह भी कानपुर शूटआउट का एक आरोपी था।

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