अमेरिका के भारत के प्रति बिगड़े बोल, दी थी रूस से आयात न करने की चेतावनी अब ये कहा

डेस्क। रूस-यूक्रेन के बीच जारी विवाद में अमेरिका ने रूस के सहयोगी देशों के प्रति अब कमर कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पहले यूएस ने भारत को रूस के साथ तेल आयात में वृद्धि न करने की नसीहत दी थीं। एक बार अमेरिका की ओर से भारत के लिए बड़ा बयान सामने आया है।

बता दें कि पश्चिमी देशों की नजरें भारत के स्टैंड पर है। साथ ही आज जब रूसी विदेशी मंत्री सर्गेई लावरोव भारत के अपने समकक्ष एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे तो अमेरिका जरूर इसमें दिलचस्पी दिखा सकता है। बीते दिनों चीन सहित कई देशों के विदेश मंत्रियों ने भारत की यात्रा की है और रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर चर्चा भी की है। 

गुरुवार को अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि मॉस्को के साथ हर देश के अपने संबंध हैं और वाशिंगटन उसमें कोई बदलाव नहीं चाहता है।

पत्रकारों से बात करते हुए प्राइस ने कहा “विभिन्न देशों के रूसी संघ के साथ अपने संबंध हैं। यह एक ऐतिहासिक तथ्य है साथ ही यह भौगोलिक तथ्य भी है। हम इसमें बदलाव नहीं चाहते।”

भारत के बारे में क्या कहा-

उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह भारत हो या दुनिया भर के अन्य भागीदार हो हम अपने समर्थकों के बारे में जो कुछ भी कर सकते हैं, वह कर रहे हैँ। आज अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर एक स्वर में, दुनिया रूस की अनुचित, अकारण पूर्व नियोजित आक्रामकता के खिलाफ जोर-शोर से आवाज उठा रही है। भारत सहित तमात देशों को हिंसा को समाप्त करने के लिए प्रयास करना चाहिए।”

प्राइस ने ये टिप्पणी रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की भारत यात्रा के दौरान की है। उनके आज विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिलने और बातचीत करने की उम्मीद है।

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