बहराइच । गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, महारजगंज, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर से जिलों में भारत-नेपाल की लंबी सीमा पर तस्करी अब कोढ़ में खाज बनने लगी हैं। तस्करी कैरियर की भूमिका महिलाएं निभा रहीं हैं। इससे इन्हें पकड़ना भी काफी मुश्किल होता जा रहा है। यह व्यापार दोनों तरफ से हो रहा है। इस सिलसिले में अब तक पकड़ी गई महिलाएं भी दोनों देशों की हैं।
घूंघट की ओट में नेपाल सीमा पार करने में कामयाब महिलाओं का तस्कर अब सहारा ले रहे हैं। इतना ही नहीं भारत और नेपाल के लोगों के बीच बन रहे वैवाहिक संबंध भी तस्करी की राह आसान कर रहे हैं। गत दिनों में नेपाल सीमा से तस्करी के आरोप में देवीपाटन मंडल के तीन जिलों की 150 महिलाएं पकड़ी जा चुकी हैं। इनमें नेपाली महिलाएं भी शामिल हैं।
भारत से नेपाल व नेपाल से भारत तस्करी कर प्रतिबंधित सामान लाने-ले जाने की रोकथाम के लिए वैसे एसएसबी के अलावा पुलिस व उसकी विभिन्न इकाइयां नजर गड़ाए रखती हैं। इसके बावजूद तस्करी पर रोक नहीं लग पा रही है। तस्करी से जुड़े लोग अब महिलाओं को अपना कैरियर बना रहे हैं। सूत्रों की मानें तो महिलाएं आसानी से सीमा पार कर लेती हैं और इन पर किसी को अधिक शक भी नहीं होता।
बीहड़ व जंगली रास्तों के माध्यम से महिलाएं तस्करी का सामान मंजिल तक पहुंचाती हैं। एक पुलिस अधिकारी की मानें तो देवीपाटन मंडल के चारों जिलों के अलावा अन्य जनपदों के रहने वाले परिवारों की शादी नेपाल में हुई है। ऐसे में भी तस्करी को बढ़ावा मिलने की संभावना बढ़ जाती है। गत महीनों में तस्करी के आरोप में 150 से अधिक महिलाएं पकड़ी जा चुकी हैं।
पुलिस उपमहानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र अनिल कुमार राय ने माना कि तस्करी में महिलाओं का कैरियर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक बहराइच, श्रावस्ती व बलरामपुर में महिलाएं तस्करी के आरोप में पकड़ी जा चुकी हैं। इनमें नेपाली महिलाएं भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि एसएसबी के अलावा आइबी व अन्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर सीमा पर तस्करी रोकने व अन्य गतिविधियों पर नजर रखने की रूपरेखा तैयार की जाती है। तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
Read More : हर सुबह करें ये काम, ग्रहों और किस्मत का मिलेगा साथ
Leave a Reply