बीजेपी काे सबक सिखाने के लिए दिया सपा का साथः मायावती

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चंडीगढ़: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लोकसभा चुनाव समय से पहले कराये जाने की संभावना जतायी है।
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उन्होंने पार्टी के संस्थापक कांशीराम की जयंती के अवसर पर आज यहां आयोजित पांच राज्यों के कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुये उन्हें सचेत किया कि वे अब आराम से बैठने के बजाय पार्टी के कामकाज में युद्ध स्तर पर जुट जायें और केन्द्र तथा राज्यों की राजनीतिक सत्ता की चाबी लेने के लिये काम करें तभी भाजपा जैसी संकीर्ण सोच की पार्टियों के जुल्मों से सर्वजन को छुटकारा मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की दो सीटें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से हवा हवाई हो जाने का असली कारण बसपा का समाजवादी पार्टी को समर्थन देना था। इसके बाद अब भाजपा लोकसभा चुनाव समय से पहले भी करा सकती है।
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उन्होंने भाजपा को ईवीएम में पिछले लोकसभा तथा विधानसभा चुनावों में ईवीएम में गड़बड़ी करके बसपा को राजनीतिक नुकसान पहुंचाया। पार्टी को इसके खिलाफ शीर्ष अदालत जाना पड़ा और उन्हें कुछ उम्मीद बंधी है। उन्होंने मांग की कि चुनाव पुराने पैटर्न बैलेट पेपर के जरिए कराये जायें। भाजपा बैलेट पेपर पर चुनाव कराने से घबरा जाती है। उसके दिल में खोट है इसीलिए वो उनके ईवीएम से संबंधित किसी सवाल का जबाव नहीं दे पाई। भाजपाई तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर बसपा को कमजोर बनाने पर तुले हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर बरसते हुये कहा कि भाजपा तथा आरएसएस के हिंदुत्ववादी तथा संकीर्ण सांप्रदायिक एजेंडे को प्रभावहीन बनाने के लिये पार्टी के कार्यकर्ताओं को खूब मेहनत करनी होगी तभी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) को सत्ता में आने से रोका जा सकता है। पिछले लोकसभा तथा विधानसभा चुनावों में भाजपा ने हर स्तर पर लोगों से प्रलोभन भरे चुनावी वादे किये जिन्हें आज तक पूरा नहीं किया जा सका।

मायावती ने कहा कि मोदी सरकार के नोटबंदी जैसे गलत फैसलों के चलते देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई। इसी के कारण भाजपा में ही विरोध जारी है। भाजपा तथा कांग्रेस अब नव भारत का निर्माण नहीं कर सकते। कांग्रेस की नीयत को भी लोग देख चुके हैं। भाजपा की जातिवादी संकीर्ण सोच बदल नहीं सकती और ऐसा ही भाजपा शासित प्रदेश सरकारों में भी देखने को मिल रहा है।

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