चंदौली, स्कूलों में छात्रों से मांगी जा रही फीस से नाराज अभिभावक सोमवार को मुखर हो गए। पीडीडीयू नगर के आर्य समाज मंदिर के समक्ष अभिभावक संघ ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। कहा जब स्कूल ही नहीं खुले तो फीस किस बात की। स्कूलों की मनमानी बंद होनी चाहिए।
फीस के लिए बच्चों पर दबाव बनाया जा रहा। उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा। अभिभावक इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिला प्रशासन को विद्यालय प्रशासन पर नकेल कसनी चाहिए।
अभिभावकों ने कहा कोरोना महामारी में बंद रहे निजी स्कूल 25 फीसद ही ट्यूशन फीस निर्धारित करें। अन्य सभी अतिरिक्त चार्ज जिसका उपयोग बच्चों व अभिभावकों ने नहीं किया उसे खत्म किया जाए। आनलाइन क्लास की गाइडलाइन जारी हो। इसमें फीस, समय सीमा और निगरानी तय हो। वर्ष 2016 में बना फीस एक्ट लागू हो। वर्तमान हालात को देखते हुए प्रत्येक स्कूल की सभी तरह की फीस वृद्धि पर अगले तीन साल तक रोक लगनी चाहिए। सभी बोर्डों के सिलेबस एक समान हों। शिक्षा बोर्ड में होने वाले रजिस्ट्रेशन, फीस, परीक्षा की तारीख का निर्धारण बोर्ड के अनुसार हो। चालू वर्ष में स्कूलों में ट्रांसफर सर्टिफिकेट की बाध्यता समाप्त हो। यह साल यदि जीरो सेशन निर्धारित होता है तो अभिभावकों द्वारा किसी भी मद में दी गई फीस को अगले वर्ष समायोजित किया जाए।
निजी स्कूलों के रिजर्व फंड एवं सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता को सार्वजनिक किया जाए। जब तक कोरोना महामारी का इलाज सुनिश्चित नहीं हो तब तक स्कूल खोलने का आदेश न दिया जाए। इन सभी मांगों के क्रियान्वयन, निगरानी एवं जांच के लिए राज्य सरकार सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करे। इन मांगों को नहीं माना गया तो अनशन जारी रहेगा। चंद्रभूषण मिश्र, सतनाम सिंह, अमित महलका, संतोष पाठक, राजेश गुप्ता, विजय गुप्ता, सोबी भाई, दिनेश शर्मा, एसके, हरेंद्र कुमार, पुष्पा चौहान, प्रकाश नारायण, पूनम सिंह, वंदना श्रीवास्तव, रूपम सिंह, राजेश अग्रहरि मौजूद थे।
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