कुमार विश्वास से क्यों उठने लगा लोगों का विश्वास

News desk:- कुमार विश्वास जिनकी कविताओं का हर कोई दिवाना है। लोग उनकी पंक्तियों में सुकून खोज लेते हैं। वहीं जब वह राम कथा कहते हैं तो उन्हें सुनने के लिए लोगों की भीड़ स्वतः ही एकत्रित हो जाती है। लेकिन बीते दिन जब वह मध्यप्रदेश के उज्जैन में राम कथा कहने गए तो उन्होंने आरएसएस और वामपंथ को लेकर कुछ ऐसा कह दिया कि उनके प्रशंशक आग बबूला हो गए और सोशल मीडिया पर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।

कुमार विश्वास कथा सुना रहे थे। उसी दौरान उन्होंने बजट का जिक्र किया और संघ के लोगों को अनपढ़ और वामपंथियों को कुपढ़ बताया। वह बोले एक मित्र ने पूछा आप बजट पर क्या विचार करते हैं। मैंने कहा, राम राज्य की सरकार आई है। बजट भी राम राज्य का होना चाहिए। वह बोले राम राज्य का बजट कहां से आता है। तो मैंने कह दिया यही समस्या है कि वामपंथी तो कूपढ़ हैं और तुम अनपढ़ हो।
उन्होंने आगे कहा, वामपंथी कहते हैं हमने सब पढ़ा है। लेकिन वास्तव में उन्होंने कुछ भी उचित तरीके से नहीं पढ़ा है। वह गलत पढ़ते हैं। वहीं कुछ लोग होते हैं जो कहते हैं कि वेद में ऐसा कहा गया है। लेकिन वह यह नही स्पष्ट कर पाते कैसे कहा गया है। कुमार विश्वास के कथन पर भाजपा प्रवक्ता राजपाल सिसोदिया कहते हैं आप कथा कहने आये हैं वहीं कहें, प्रमाण पत्र मत वितरित कीजिए श्रीमान।
कुमार विश्वास की क्षमा-
कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया पर ट्रेड होने के बाद अपने कथन पर स्पस्टीकरण देते हुए कहा, मैंने जो जिस सन्दर्भ में कहा है उसे उसी तरीके से समझा जाए। अर्थ का अनर्थ न किया जाए। मैंने यह टिप्पणी अपने कार्यकाल के दौरान के एक लड़के पर की है। जो संघ परिवार का हिस्सा है। लेकिन पढ़ता लिखता नहीं है। बस बोलता रहता है।

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