लखनऊ। सपा सरकार के दौरान 2012-13 में पशुधन अधिकारियों की भर्ती में हुए घोटाले पर कड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग के अपर निदेशक समेत छह अफसरों को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर एसआईटी ने भर्ती में घोटाले का पर्दाफाश किया है।
जांच में पाया गया कि भर्ती में मनमाने तरीके से मानकों को दरकिनार किया गया। प्रदेश भर में 1148 पशुधन प्रसार अधिकारियों की हुई भर्ती में अफसरों ने लिखित परीक्षा 100 की जगह 80 नंबरों की करवाई और 20 नंबर का इंटरव्यू रख दिया। जिसके सहारे मनपसंद अभ्यर्थियों को चुना गया।
योगी सरकार ने 28 दिसंबर 2017 को मामले की जांच एसआईटी को सौंपी थी। जांच के बाद एसआईटी टीम ने प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी जिस पर कार्रवाई की गई है। शासन ने भर्ती घोटाले में दोषी मानते हुए पशुपालन निदेशक चरण सिंह यादव सहित अपर निदेशक अशोक कुमार सिंह, बस्ती के अपर निदेशक जीसी द्विवेदी, लखनऊ मंडल के अपर निदेशक डॉक्टर हरिपाल, बरेली मंडल के अपर निदेशक एपी सिंह और अयोध्या के अपर निदेशक अनूप श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है।
यह है मामला
2014 में पशुधन विभाग में 1198 पदों पर पशुधन प्रसार अधिकारियों के लिए भर्ती निकली।
1005 अभ्यर्थियों को चयन के बाद ट्रेनिंग दी गई और जॉइन करवा दिया गया।
34 अभ्यर्थियों ने रिट दाखिल की तो हाई कोर्ट ने एसआईटी से जांच करवाने को कहा।
जांच में सामने आया कि भर्ती में नियमावली का कहीं पालन ही नहीं किया गया।
समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में 17 मंडलों में 1,198 पशुधन प्रसार अफसरों की भर्ती में हुए घोटाले में तत्कालीन निदेशक रुद्र प्रताप समेत छह अफसरों के खिलाफ एसआईटी ने एफआईआर दर्ज की।
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