अंबेडकरनगर, । फुटपाथ पर अतिक्रमण के विरुद्ध हो रही पुलिस की कार्रवाई में जुर्माने के नाम पर दुकानदारों से हो रही अवैध धन उगाही के विरुद्ध दुकानदारों का गुस्सा फूटा उगाही में लिप्त दरोगा व सिपाही को घेरकर दुकानदारों ने विरोध जताया तीखी नोकझोंक के बाद दरोगा को बैरंग वापस लौटना पड़ा। हलाकि आरोपी दरोगा ने धन उगाही की बात से इन्कार किया है मामला जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के स्थानीय कस्बे जहांगीरगंज मामपुर व नरियावं का है गौरतलब है कि तीन कि. मी. की दायरे में पूरा कस्बा क्षेत्र सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण की चपेट में है इतना ही नहीं पुलिस की नाक के नीचे थाने के सामने ही मुख्य मार्ग पर सड़क के दोनों तरफ परियों पर अस्थाई रूप से ठेलों पर फल बेचने वालों का कब्जा है इधर पुलिस द्वारा अतिक्रमण के नाम पर 34 दुकानदारों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई कर मामला न्यायालय भेजा गया तो वहीं इस कार्रवाई में पुलिस द्वारा भेदभाव किए जाने की बात भी सामने आई इसी बीच यह प्रकरण तब चर्चा में आ गया जब जहांगीरगंज थाने के एक दरोगा द्वारा अपने हमराह सिपाही के साथ बावली चैक से लेकर पूरे कस्बे में जगह जगह सडक के किनारों पर सामान रखे दुकानदारों सब्जी व्यवसाइयों तथा ठेले वालों से बुधवार देर शाम को जुर्माने के नाम पर सौ व पचास रुपए की वसूली जुर्माने के नाम पर शुरू कर दी गई। उक्त दरोगा जब यूनियन बैंक के सामने व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष अंकित मौर्य की दुकान पर पहुंच कर अतिक्रमण का रौब गालिब करना शुरू कर दिया दुकानदार ने अपनी बात रखना शुरू किया तो दरोगा ने उसकी बात अनसुनी कर अपनी ही बात पर जोर देना जारी रखा और जुर्माने की मांग की इसी दौरान आस-पड़ोस के अन्य दुकानदार भी मौके पर पहुंच गए और जुर्माने की वसूली गई रकम की रसीद न देने तथा भेदभाव का आरोप लगाते हुए दरोगा की वसूली का विरोध करना शुरू कर दिया मामला तब बढ़ गया जब दरोगा व दुकानदारों के बीच जमकर तीखी नोकझोंक भी हुई अंतत व्यापारियों के बढ़ते विरोध को देखते हुए दरोगा वहां से बिना जुर्माना लिए ही बैरंग वापस लौट गए इधर दरोगा की मनमानी को लेकर व्यापारियों में गुस्सा है तो वही आरोपी दरोगा रामकुमार ने धन उगाही की बात से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने नहीं बल्कि हल्का सिपाहियों ने जुर्माना वसूला था रसीद के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा इसमें रसीद नहीं मिलती नाम दर्ज किया जाता है थाने के सामने ही अतिक्रमण पर कार्यवाही ना होने के बाद उन्होंने कहा कि यह उनके हल्के में नहीं है।
पूर्व विधायक पर मेहरबान है प्रशासन
अंबेडकरनगर, । पूर्व बसपा विधायक त्रिभुवन दत्त द्वारा आलापुर तहसील के कसदहा व शाहपुर औरावं गांव स्थित अपने शिक्षण संस्थानों की चारदीवारी के भीतर सरकारी बंजर भूमि चकमार्ग की भूमि तथा गरीबों की निजी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतों की जांच करने नहीं पहुंच पाए एसडीएम व अन्य अधिकारी। दर्जनों बार हुई शिकायतों की जांच उन्ही हल्का लेखपालों व राजस्व निरीक्षकों को सौंपी जाती है जिन पर प्रार्थना पत्र में ही लगाए जाते हैं। पूर्व बसपा विधायक बचाव में फर्जी जांच रिपोर्ट प्रेषित कर गुमराह करने के आरोप। शाहपुर औरावं व कसदहा के लेखपाल तथा रामनगर के राजस्व निरीक्षक द्वारा दी जा रही गलत जांच रिपोर्ट,शाहपुर औरावं मे बगैर नक्शे के ही लोक निर्माण विभाग व जिला पंचायत की ओर से लाखों की धनराशि व्यय कर खत्मीपुर से सर्वोदय महाविद्यालय शाहपुर औरावं तक कराया गया था सरकारी मशीनरी व सत्ता का दुरुपयोग कर सड़क निर्माण। उक्त सड़क को त्रिभुवन दत्त की निजी भूमि में बनाया जाना बता कर रहे लेखपाल व राजस्व निरीक्षक व त्रिभुवन दत्त का बचाव आखिर कितने वर्षों में खुद एसडीएम व अन्य अधिकारी पहुंच कर कर पाएंगे निष्पक्ष जांच।
आधी रात को पुलिस ने बंद कराया थियेटर
अंबेडकरनगर । पूर्वांचल के ऐतिहासिक गोविंद साहब मेले मे दर्शकों व श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए लगे शोभा सम्राट थिएटर एवं मनोरंजन के संसाधनों तथा नृत्य कला प्रदर्शनियों का संचालन मध्य रात्रि 2.00 बजे ही पुलिस ने कराया बंद श्रद्धालु दर्शक हुए परेशान। बुधवार अपराह्न आलापुर की भाजपा विधायक अनीता कमल ने जिलाधिकारी अखिलेश सिंह से जरिए दूरभाष वार्ता कर मेले में 4.00 बजे तक थिएटर व मनोरंजन के अन्य संसाधनों के संचालन कराए जाने का आग्रह। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने भाजपा विधायक को मेले में 4रू00 बजे तक संचालन हेतु अधिकारियों को निर्देशित करने के लिए किया था अस्वस्थ। बावजूद इसके मेला मजिस्ट्रेट व मेला कोतवाली प्रभारी तक नहीं पहुंचा कोई लिखित व मौखिक आदेश। लिहाजा बुधवार को भी मेला कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार गौड़ ने थिएटर में पहुंचकर 2रू00 बजे बंद करा दिया संचालन। दो बजे रात में संचालन बंद होने से दर्शक श्रद्धालु इधर-उधर भटकने को होते हैं विवश। सुरक्षा ,संरक्षा का भी बना रहता है संकट।
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