नई दिल्ली। आजतक आपने गाय, भैंस, बकरी, ऊंट या दूसरे किसी जानवर के दूध के फायदे के बारे में सुना होगा लेकिन शायद ही आपने सुना हो की कोई कीट-पतंगा भी दूध देता हो। इतना ही नहीं अगर इसका दूध आप पीने लगेंगे तो आपको गाय के दूध से भी ज्यादा पौष्टिक तत्व मिलेंगे।आमतौर पर आपने लोगों को कॉकरोच से डरते या घिन करते देखा होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्हीं कॉकरोचों का दूध आपके शरीर के लिए भैंस या गाय के दूध से ज्यादा फायदेमंद है।
भारतीय वैज्ञानिक सुब्रमण्यम रामाश्वमई ने बेंगलुरु में यह खोज की है। सुब्रमण्यम ने बताया कि कॉकरोच की एक प्रजाती पैसिफिक बीटल के दूध में भैंस के दूध से तीन गुणा ज्यादा कैलेरीज हैं. जिसका इस्तेमाल प्रोटीन सप्लीमेंट बनाने के रूप में भी किया जा सकता है।
पैसिफिक बीटल एक कॉकरोच प्रजाती है जो बच्चों को जन्म देती है। खास बात है कि इस प्रजाति के बच्चे हमेशा जवान रहते हैं. जब इस पर खोज की गई तो पता चला कि उनके हमेशा जवान रहने का राज उनके मां के दूध में है। सुब्रमण्यम ने बताया कि वह जो अपने बच्चों को दूध पिलाती है उसमें गाय के दूध से भी चार गुणा अधिक पौष्टिक तत्व ।
कॉकरोच के दूध में प्रोटीन क्रिस्टल नामक एक धातु मिला होता है. क्रिस्टल दूध को इतना ज्यादा मजबूत बना देता है. वैज्ञानिक सुब्रमण्यम रामाश्वमई ने आगे बताया कि इंसान को धीरे-धीरे इस दूध के सेवन से लंबे समय तक फायदा मिलता है। शरीर में कॉकरोच का दूध एक प्रोटीन सप्लीमेंट की तरह काम करता है ।
जिसका किसी भी तरह का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं। सुब्रमण्यम ने बताया कि प्रोटीन क्रिस्टल को एक तरह का भोजन कह सकते हैं जिसमें फैट, प्रोटीन और चीनी मिलाया जाता है। इंसानों के लिए यह एक तरह की संजीवनी बूटी भी कही जा सकती है।
हालांकि, यह जान लेना भी जरूरी है कि हाई कैलोरीज से युक्त कॉकरोच का दूध उन लोगों के लिए किसी काम का नहीं होगा जो अपना वजन कम करना चाहते हैं या वे किसी तरह की वेस्टर्न डाइट फॉलो करते हैं।
ABHI ABHI : भारतीय वैज्ञानिकों ने खोजा ऐसा दूध जो इंसानों के लिए है Sanjeevani बूटीलेकिन ये उनके लिए जरूर फायदेमंद साबित हो सकता है जिन्हें प्रतिदिन ज्यादा कैलोरी की जरूरत है। यानी पतले व्यक्ति अगर वजन बढ़ाना चाहता है तो कॉकरोच का दूध उसके लिए असरदार साबित हो सकता है।
कॉकरोच का दूध बेशक ताकतवर है लेकिन सबसे बड़ी समस्या है इसका दूध लेना। गाय, भैंस, बकरी या ऊंट की तरह कॉकरोच से सीधे कोई दूध नहीं निकाला जा सकता। वैज्ञानिक जेनेटिक इंजीनियरिंग के तरीके से ऐसा कोई रास्ता निकालने की कोशिश में लगे हैं जिससे कॉकरोच दूध बड़े पैमाने पर पैदा हो सके और बाजार में आम लोग उसका इस्तेमाल कर सकें।
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