UP के पेट्रोल पंपों पर 1600 मशीनें होंगी बंद, लखनऊ में करीब 150 यूनिट-कारण यह बताया !

UP के पेट्रोल पंपों पर 1600 मशीनें होंगी बंद,  लखनऊ में करीब 150 यूनिट-कारण यह बताया !

लखनऊ ।इंडियन ऑइल के अफसरों के मुताबिक यूपी में कंपनी के पंपों पर जीवीआर की 2016 तक के मॉडल वालीं 30 फीसदी डीयू लगी हैं। बीपीसीएल और एचपीसीएल के पंपों पर भी ऐसी डिस्पेंसिंग यूनिटों की संख्या काफी है। ऐसें ये सारी डीयू बंद हुईं तो उपभोक्ताओं को तेल भरवाने के लिए लंबी कतारें लगानी पड़ सकती हैं। राजधानी में ही हर रोज करीब 15 लाख लीटर पेट्रोल-डीजल की खपत है। प्रदेश के 4,542 पंपों पर लगीं 1600 डिस्पेंसिंग यूनिटों (डीयू) से तेल की सप्लाई नहीं होगी।  2016 तक के मॉडल वाली ये डिस्पेंसिंग यूनिटेंजीवीआर कंपनी की हैं।

लखनऊ में करीब 150 यूनिटों से तेल की सप्लाई बंद की जाएगी। ऐसे में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए उपभोक्ताओं को लंबी कतारों का सामना करना पड़ सकता है। बांट-माप विभाग के नियंत्रक सुनील कुमार वर्मा ने सोमवार को यह निर्देश जारी किया। हापुड़ में सॉफ्टवेयर टैंपरिंग के जरिए तेल की घटतौली करने के मामले में यह कदम उठाया गया है।

नियंत्रक ने बताया कि रविवार को जीवीआर कंपनी के अधिकारियों को तलब किया गया था। उनसे टैंपरिंग रोकने के उपाय पूछे गए,लेकिन वे कोई सही जवाब नहीं दे सके। लिहाजा उपभोक्ताओं के हितों को देखते कंपनी की 2016 तक के मॉडल वाली डीयू से पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया गया।

13 मई को हापुड़ के आरबी सिंह ऊर्जा सर्विस पंप पर सॉफ्टवेयर टैंपरिंग के जरिए तेल की घटतौली का मामला सामने आया था। इस खेल में जीवीआर/मिडिको कंपनी के इंजिनियरों के शामिल होने का खुलासा हुआ था। मौके से दो इंजिनियरों को गिरफ्तार भी किया गया था। पूछताछ में पता चला कि गैंग में कई लोग शामिल हैं और जीवीआर कंपनी की 2016 तक के मॉडल वाली मशीनों का सॉफ्टवेयर टैंपर करना बेहद आसान है। ऐसी टैंपरिंग कई पेट्रोल पंपों पर की भी जा चुकी थी।

इस मामले में आइ्रओसीएल के ईडी एके गंजू का कहना है, ‘सॉफ्टवेयर टैंपरिंग के मामले में यह आदेश जारी हुआ है। इसका पालन किया जाएगा। जिस डीयू से बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश जारी हुआ है उससे पेट्रोलियम मंत्रालय को भी अवगत करवाया जाएगा।’

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