योगी सरकार ने जारी किया फरमान, काम नहीं तो वेतन नहीं

[object Promise]

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से निपटने के साथ-साथ आम जनजीवन को भी पटरी पर लाने की कोशिश में जुट गई है। लॉकडाउन-4 के बीच सरकार बाकी कामकाज को भी धीरे-धीरे शुरू कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के सरकारी दफ्तरों के कामकाज को और तेजी देने के लिए अब 50 फीसदी कर्मचारियों को ड्यूटी पर बुलाने का फैसला किया गया है।

जिसके मुताबिक आधे कर्मचारी एक दिन कार्यालय आएंगे और आधे दूसरे दिन आकर काम करेंगे। इसके साथ ही कार्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन कराने के लिए कर्मचारियों को तीन शिफ्टों में बुलाया जाएगा। साथ ही प्रदेश सरकार ने भत्ते समाप्त किए जाने के खिलाफ कर्मचारियों के आक्रोश और संभावित आंदोलन को लेकर कड़ा रुख भी अख्तियार किया है। छह महीने के लिए हड़ताल पर प्रतिबंध लगाने के अगले ही दिन सरकार ने ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ का फरमान भी जारी कर दिया।

सोमवार को ईद के त्योहार के चलते कार्यालयों में छुट्टी है। मंगलवार से प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तरों में नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। सरकार के फैसले के मुताबिक सरकारी कार्यालयों में पहली शिफ्ट सुबह 9 से शाम 5 बजे तक, दूसरी शिफ्ट सुबह 10 से शाम 6 बजे तक और तीसरी शिफ्ट सुबह 11 से शाम 7 बजे तक होगी। यह भी ध्यान रखा जाएगा कि शासकीय काम में कोई व्यवधान न आने पाए। प्रत्येक कर्मचारी मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करेंगे।

 नए सिरे से तय होगी ऑफिस की व्यवस्था 
अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक मुकुल सिंहल के आदेश के मुताबिक प्रदेशभर के सरकारी कार्यालयों को चलाने की व्यवस्था नए सिरे से तय कर दी है। सभी विभागाध्यक्ष और कार्यालयाध्यक्ष ऑफिस खोलने की व्यवस्था करेंगे। इसके साथ ही खुद आफिस में रहेंगे। कार्यालय में प्रत्येक कार्यदिवस 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएंगे। इसके लिए विभागाध्यक्ष और कार्यालयाध्यक्षों के स्तर पर आवश्कता के अमुसार निर्धारण करते हुए रोस्टर तय किया जाएगा।

 हॉटस्पाट क्षेत्रों में डीएम करेंगे फैसला 
वहीं हॉटस्पाट वाले क्षेत्रों में कर्मचारियों के ऑफिस आने को लेकर सारा फैसला डीएम के ऊपर रहेगा। संबंधित डीएम इस संबंध में अलग से आदेश जारी करेंगे। जहां ऑफिस खुलेगा वहां रोस्टर के मुताबिक घर से काम करने वाले कर्मचारी इस अवधि में अपने मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक साधनों के माध्यम से कार्यालय के संपर्क में रहेंगे। उन्हें जरूरत के हिसाब से कार्यालय बुलाया जाएगा।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *