कुशीनगर : अटल बिहारी वाजपेयी का पड़रौना से भी रहा गहरा लगाव

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उपेन्द्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी हमारे बीच नहीं रहे लेकिन इनका गहरा लगाव पडरौना व कुशीनगर जनपद से भी रहा,उस समय गोरखपुर जनपद हुआ करता था। इनके निधन पर सरकार ने सात दिन का राष्ट्रीय शोक की घोषणा व देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर देश-विदेश से शोक संदेशों का तांता लगा हुआ है वहीं कुशीनगर भी शोक में डूबा हुआ है।
मालूम हो कि 1996 में लोकसभा चुनाव के दौरान पहुंचे और और पार्टी के उम्मीदवार पूर्व सांसद रामनगीना मिश्र के समर्थन में उदित नारायण इंटर कालेज में जनसभा को संबोधित किया , संबोधन में उन्होंने जिले की बदहाल सड़कों को विकास के पैमाने पर कसते हुए तत्कालीन सरकार पर करारा प्रहार किया था। कहा था कि कार में बैठकर आते समय रास्ते भर हिचकोले खाते आया हूं। इससे पता चला कि विकास कितना हुआ है। यहां की जनता को इसका हिसाब लेना होगा।

संबोधन के दौरान यहां के लोगों से अपना भावनात्मक तार भी जोड़ा था। उनका संबोधन सुनने पड़ोसी प्रांत बिहार से भी लोग आए थे। यूपी के अंतिम छोर के इस जिले से अपने इस संबोधन में उन्होंने एक कुशल राजनीतिज्ञ की तरह यूपी-बिहार का नाता जोड़ते हुए पार्टी के पाले में लोगों को सहेजने की कोशिश की थी। अपने पूरे संबोधन में उन्होंने अपनी भाषण शैली से सभी को कायल कर दिया था। 13 दिन प्रधानमंत्री रहने के बाद वे जिले में अंतिम बार फाजिलनगर इंटर कालेज के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होने आए आए थे।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का कुशीनगर से गहरा नाता था। युवा अवस्था में वे नानाजी देशमुख के साथ आज से लगभग 50 वर्ष पूर्व यहां आए थे। इस दौरान पडरौना के संघ परिवार से जुड़े एक प्रतिष्ठित मारवाड़ी परिवार के वहां रुके थे। यहीं पर चाय-नाश्ता किया था।

बताया जाता है कि संभवत: अटल जी का यह कुशीनगर में प्रथम आगमन था। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी की कमान संभालने के बाद चार बार कुशीनगर आए। वर्ष 1985 में कसया रोडवेज परिसर में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया था। वर्ष 1993 के विधानसभा चुनाव में भी कुशीनगर आए थे और पडरौना में चुनावी सभा को संबोधित किया था।

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