शिक्षुता प्रशिक्षण योजना के तहत वर्ष 2021-22 में 50 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य

[object Promise]

लखनऊ, दिनांकः 10 मार्च, 2021
अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, डा0 नवनीत सहगल ने कहा कि शिक्षुता प्रशिक्षण योजना भारत सरकार और उत्तर प्रदेश की योजना है। इसके तहत 30 से ज्यादा श्रमिक वाली औद्योगिक इकाइयों में 2.5 प्रतिशत अपे्रंटिस कराना अनिवार्य है। अप्रेंटिंस के लिए सरकार द्वारा प्रति लाभार्थी 2500 रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्राविधान भी किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में कैम्प लगाकर आगामी 26 अपै्रल से अप्रेंटिस के लिए युवाओं का रजिस्टेªशन कराया जाये। इसमें इण्डस्ट्रीज एशोसिएशन की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाय।
डा0 सहगल आज लोक भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में युवाओं को शिक्षुता प्रशिक्षण योजना का वर्चुअल समीक्षा कर रहे थे।  उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा अपे्रंटिस के लिए प्रति व्यक्ति 1500 रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा प्रति लाभार्थी हेतु 1000 रुपये कुल 2500 रुपये अनुदान इनसेंटिव दिया जायेगा। इस वित्तीय वर्ष 2021-22 में 50 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य है और इस लक्ष्य हो हर-हाल में प्राप्त करना होगा। उन्होंने विभाग के सभी जनपदीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जनपदों से में अप्रेंटिस के लिए अधिक से अधिक युवाओं को रजिस्टर्ड करें। पहले से रजिस्टर्ड लोगों का फालोअप किया भी जाय।
डा0 सहगल ने कहा कि इस वर्ष बैंको द्वारा 13 लाख यूनिट तथा पिछले चार वर्षों में 50 लाख इकाइयों को फाइनेंस किया गया है। इससे बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन भी हुआ है। इन औद्योगिक इकाइयों में युवाओं को प्रशिक्षण प्राप्त होने से उन्हें नौकरी मिलने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय कमेटी में जी0एम0डी0आई0सी0 को सहसयोजक नामित किया है। उन्होंने समस्त मण्डलों के संयुक्त आयुक्त उद्योग को निर्देश दिए कि वह नियमित रूप से अपने मण्डलों के जनपदों की समीक्षा करें और योजना की प्रगति से अवगत भी करायें।
समीक्षा के दौरान संयुक्त आयुक्त उद्योग श्री पवन अग्रवाल, सुनील कुमार सहित सभी जिलों क जिला उद्योग अधिकारी वर्चुअल जुड़े थे।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *