पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2020 तक एक करोड़ युवाओं को हुनरमंद बनाया जायेगा. शुक्रवार को वेटनरी कॉलेज ग्राउंड पर तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि योजना के शुरुआती तीन वर्षों के दौरान काफी कठिनाइयां रहीं, लेकिन अब वर्ष 2020 तक इस लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि बिहार में युवाओं की आबादी सबसे अधिक है. इन्हें दक्ष कर रोजगारपरक बनाया जा सकता है. इनका उपयोग देश के अंदर अन्य राज्यों और विदेशों में हो सकता है.
बिहार की आधी आबादी वर्किंग : उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्किल इंडिया का सपना स्किल बिहार के बिना पूरा नहीं हो सकता. बिहार की 50 फीसदी आबादी वर्किंग है. इनमें भी 15 से 30 उम्र के युवाओं की संख्या दो करोड़ से ज्यादा है. दूसरे राज्यों में कार्यशील आबादी की घटती संख्या और बिहार में कुशल कामगारों की उपलब्धता को देखते हुए इसका लाभ मिलेगा. श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रतिभा जाति, धर्म या भाषा के बंधन की मोहताज नहीं होती.
कुशल युवा कार्यक्रम के माध्यम से भारत स्वामी विवेकानंद के कथन को सार्थक करते हुए विश्वगुरु बनने का काम करेगा. कार्यक्रम की शुरुआत के पहले मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया. इस मौके पर हैंडबुक (प्रतियोगियों की प्रोफाइल) का विमोचन भी हुआ. सीडैक और कल्याण विभाग, आईएमसी वीमेन आईटीआई (ब्यूटी के क्षेत्र में) और जावेद हबीब के वुमेन आईटीआई, आईएमसी दीघा आईटीआई और ईडीआई के बीच तीन समझौता पत्रों का आदान-प्रदान किया गया.
समोराह को मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने भी संबोधित किया. मौके पर विधायक संजीव चौरसिया, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के एमडी सह सीईओ मनीष कुमार, योजना परिषद की मुख्य परामर्शी हरजीत कौर, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, सीमैड के डायरेक्टर जेनरल डॉ हेमंत धारवाड़ी, जेएचग्रुप के चेयरमैन जावेद हबीब, आईएचएम के प्राचार्य सुदेश श्रीवास्तव, बीआईटी पटना के निदेशक बीके सिन्हा, नाइलेट के निदेशक आलोक त्रिपाठी, डीएम कुमार रवि सहित अन्य प्रतिभागीगण एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे.
तीन लाख से ज्यादा युवाओं को मिला प्रशिक्षण- सीएम ने कहा कि कुशल युवा कार्यक्रम के तहत 240 घंटों में युवाओं को कंप्यूटर, संवाद कौशल, व्यवहार कौशल की जानकारी दी जा रही है. अब तक तीन लाख से ज्यादा युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है. युवाओं की उद्यमिता के लिए 500 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड बनाया गया है.
स्वयं सहायता भत्ता के तहत रोजगार प्राप्त करने की तलाश में युवाओं को दो वर्ष तक 1000 रुपये प्रतिमाह की दर से सहायता दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में इस साल 90 हजार करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च होंगे. इन पैसों से शिक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण, उद्योग जैसे विभागों में काम होगा. इसलिए बिहार में स्किल्ड युवाओं के लिए रोजगार की काफी संभावनाएं हैं.
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