Delhi पुलिस की नाक के नीचे सब होता रहा, लेकिन पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई

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नई दिल्ली। निजामुद्दीन में स्थित मरकज तबलीगी जमात में 18 मार्च को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें करीब 3000 लोग जमा हुए थे। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि इस कार्यक्रम के बाद भी करीब 1500-1700 लोग इस मरकज में जमा थे। अब तक इस मरकज से 1033 लोगों को निकाला जा चुका है और बाकी लोगों को भी निकालने का काम जारी है। निकाले गए लोगों में से 24 लोगों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। मरकज से निकाले गए लोगों में से 334 लोग अस्पताल में भर्ती हैं और बाकी के करीब 700 लोगों को क्वारेंटाइन में रखा गया है।

टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली सरकार को 24 मार्च को ही ये जानकारी मिल गई थी कि मरकज में बहुत सारे लोग जमा हैं, लेकिन उन्हें वहां से निकालने में दिल्ली सरकार की ओर से उन लोगों को वहां से निकालने में देरी हुई। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि सरकार ने पिछले 3 दिन से कार्रवाई शुरू कर दी है। यानी माना जा सकता है कि ये कार्रवाई 29 मार्च को शुरू हुई, जबकि जानकारी 24 मार्च को ही मिल गई थी।

दिल्ली पुलिस की नाक के नीचे हुआ सब
हैरानी इस बात की है कि मरकज की जिस 6 मंजिला बिल्डिंग में ये लोग जमा थे, वह हजरत निजामुद्दीन पुलिस थाने से बिल्कुल सटी हुई है। यानी पुलिस की नाक के नीचे सब होता रहा, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

 

सत्येंद्र जैन ने कहा कि पूरे देश में लॉकडाउन है, दिल्ली में डिजास्टर एक्ट और कंटीजियश डिसीज एक्ट लागू है, जिसमें 5 से अधिक लोगों के एक जगह जमा होने पर रोक है, लेकिन फिर भी इतना बड़ा आयोजन हुआ है। वह बोले कि आयोजकों ने घोर अपराध की श्रेणी का काम किया है। मैंने एलजी को भी एक पत्र लिखा है, जिसमें इन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। दिल्ली सरकार ने तो आयोजकों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं।

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